उत्तराखंड के गौलापार क्षेत्र के पश्चिमी खेड़ा गांव में एक 11 वर्षीय बालक की गला रेत कर निर्मम हत्या कर दी गई। सोमवार दोपहर से लापता अमित मौर्य का शव मंगलवार को उसके घर के पास ही एक खेत के गड्ढे से बरामद हुआ। शव से सिर और एक हाथ गायब था, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और जनआक्रोश भड़क उठा।
हत्या के बाद शव को गड्ढे में दबाया
बरेली (उत्तर प्रदेश) के आमोर गांव निवासी खूबकरण मौर्य पिछले 15 वर्षों से अपने परिवार के साथ गौलापार के पश्चिमी खेड़ा गांव में रहते हैं। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे उनका 11 वर्षीय बेटा अमित लापता हो गया। परिजनों द्वारा काठगोदाम पुलिस को सूचना देने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर बच्चा गांव के ही एक संपन्न परिवार के घर की ओर जाता देखा गया, लेकिन वापस लौटते हुए नहीं दिखा।
पड़ोसी पर शक, चार लोग हिरासत में
परिजनों ने शक जताया कि उनके पड़ोसी युवक ने हत्या की है। पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू की और चार लोगों को हिरासत में ले लिया। सोमवार रात सर्च अभियान के बाद मंगलवार सुबह दोबारा तलाश शुरू हुई, जिसमें घर से महज 20 मीटर दूर खेत के एक गड्ढे में बालक का शव बरामद किया गया। शव एक कट्टे में बंद था और उसका सिर और दायां हाथ गायब था।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप, सड़क जाम कर प्रदर्शन
बुधवार को घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने काठगोदाम के मल्ली पुलिस चौकी के बाहर प्रदर्शन किया और रोड जाम कर जमकर नारेबाजी की। बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पुलिस आरोपियों के प्रति नरमी बरत रही है और उन्हें ‘चाय-नाश्ता’ तक कराया जा रहा है।
पुलिस जांच जारी, अब भी सिर और हाथ की तलाश
फिलहाल पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है। घटना को लेकर पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। अभी तक बालक का सिर और हाथ बरामद नहीं हो सके हैं।