देहरादून पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो सोशल मीडिया के जरिए कमजोर और असुरक्षित युवतियों को निशाना बनाकर उन्हें भावनात्मक व आर्थिक रूप से प्रभावित करता था, धर्म परिवर्तन कराता था और नई पहचान के साथ विवाह की योजना बनाता था।
पुलिस ने आरोपी की पहचान झारखंड के धनबाद निवासी अयान जावेद के रूप में की है, जो प्रतिबंधित संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) से जुड़ा है। यह संगठन देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल बताया जाता है। देहरादून के एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, जांच में सामने आया कि जावेद और उसके साथी युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और घर छोड़ने के लिए उकसाने में सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों का इस्तेमाल करते थे।
जावेद को पहले भी झारखंड ATS ने अवैध हथियार रखने और गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया था और फिलहाल वह रांची सेंट्रल जेल में बंद है। देहरादून पुलिस की SIT उसे वारंट पर शहर लाने की तैयारी कर रही है।
जांच में खुलासा हुआ कि जावेद ने देहरादून के रानीपोखरी क्षेत्र की एक पीड़िता को मोबाइल और सिम कार्ड उपलब्ध कराया था ताकि उससे संपर्क में रहकर धर्मांतरण के लिए राजी किया जा सके। काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने आगरा में पकड़े गए अन्य आरोपियों की पहचान की, जिसके बाद संगठित अपराध और आपराधिक साजिश की धाराएं भी जोड़ी गईं।
पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े एक अन्य आरोपी सुलेमान की भी पहचान की है, जो देहरादून का निवासी है लेकिन वर्तमान में दुबई में रह रहा है। उसके खिलाफ गृह मंत्रालय के जरिए लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
दिल्ली, गोवा, मुजफ्फरनगर और देहरादून के छह और आरोपियों को भी आगरा में गिरफ्तार किया जा चुका है। इन्हें आगे की कार्रवाई के लिए देहरादून लाने के वारंट जारी किए गए हैं।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि समय रहते काउंसलिंग के कारण पीड़िता और कई अन्य युवतियां इस जाल में फंसने से बच गईं, वरना यह नेटवर्क उन्हें धर्मांतरण के साथ-साथ आतंकी उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल कर सकता था।