पैसा डबल करने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया

पैसा डबल करने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया

कुमाऊं न्यूज़ | उत्तराखंड निवेश ठगी मामला

दीपक रावत ने निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कंपनी GMFX Global Limited के सीईओ बिमल रावत के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई पीड़ित निवेशकों की शिकायतों के आधार पर की गई है।

प्रशासन के अनुसार, कंपनी ने 25 महीनों में पैसा दोगुना करने का लालच देकर करीब 8,000 लोगों से लगभग 39 करोड़ रुपये जुटाए।


👉 कैसे चला ठगी का पूरा खेल

जांच में सामने आया कि कंपनी ने निवेशकों को लुभाने के लिए बिचौलियों और एजेंटों को कमीशन का लालच दिया। निवेश की रकम कंपनी के नाम पर लगाने के बजाय, सीईओ द्वारा व्यक्तिगत रूप से जमीन खरीदने जैसे कार्य किए गए।

मंडलायुक्त के समक्ष पेश होने पर कंपनी के सीईओ कोई भी संतोषजनक दस्तावेज जैसे—

  • बैंक ट्रांजेक्शन
  • बैलेंस शीट
  • ऑनलाइन पोर्टल का डेटा

पेश नहीं कर सके।

इसके बाद प्रशासनिक टीम के साथ मंडलायुक्त ने कंपनी के कार्यालय (सतलोक कॉलोनी, फेज-6, रणवीर गार्डन के पास) का निरीक्षण किया, जहां भी कोई रिकॉर्ड या दस्तावेज नहीं मिले।


👉 बैंक खातों में बचे सिर्फ हजारों रुपये

जांच के दौरान 10–11 अन्य निवेशक भी मौके पर पहुंचे और अपना पैसा वापस मांगने लगे। जांच में पाया गया कि—

  • IDFC बैंक खाते में मात्र ₹42,455
  • HDFC बैंक खाते में लगभग ₹50,000

ही शेष हैं।
कंपनी ने खुद स्वीकार किया कि करीब 3,900 निवेशकों पर 39 करोड़ रुपये का दायित्व है।


👉 मंडलायुक्त के सख्त निर्देश

मंडलायुक्त दीपक रावत ने मल्टी-लेवल मार्केटिंग, पिरामिड स्कीम, कंपनी एक्ट उल्लंघन और निवेशकों से धोखाधड़ी से जुड़ी सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज करने के आदेश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि

“जनता का एक-एक पैसा वापस कराया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।”

जांच टीम में शहर मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान और वित्त नियंत्रक सूर्य प्रताप सिंह भी शामिल रहे।


⚠️ उत्तराखंडवासियों के लिए प्रशासन की चेतावनी

उत्तराखंड में बीते वर्षों में डबल मनी, हाई रिटर्न और फर्जी निवेश स्कीम के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें LUCC सोसाइटी जैसे बड़े घोटाले शामिल हैं।

प्रशासन की सलाह:

  • पैसे दोगुना या असामान्य रिटर्न का दावा करने वाली स्कीम से सावधान रहें
  • केवल SEBI / RBI पंजीकृत प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें
  • निवेश से पहले पुलिस या प्रशासन से सत्यापन कराएं
  • फर्जी ऐप, वेबसाइट और अनजान एजेंटों से दूरी बनाएं

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि लालच में किया गया निवेश भारी नुकसान दे सकता है। पीड़ित निवेशकों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि जांच तेज हो और धन वापसी की प्रक्रिया शुरू हो सके।

उत्तराखंड प्रशासन ने साफ किया है कि निवेश धोखाधड़ी मामलों में Zero Tolerance Policy अपनाई जाएगी।

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