DM सविन बंसल देहरादून में प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विकास कार्यों के नाम पर नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा। सड़क खुदाई से आम नागरिकों को हो रही असुविधा को गंभीरता से लेते हुए पिटकुल पर की गई कार्रवाई को प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
अनुमति थी रात की, काम हुआ दिन में
पिटकुल को 135 केवी सब-स्टेशन से माजरा–लालतप्पड़ लाइन के लिए भूमिगत केबल बिछाने की अनुमति दी गई थी, जिसमें समय सीमा रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तय थी।
निरीक्षण में पाया गया कि दिन के समय भी खुदाई की जा रही थी, जिससे एलआईसी बिल्डिंग, आईएसबीटी क्रॉसिंग, सहारनपुर रोड और माजरा जैसे मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित हुआ।
लगातार जाम, सड़क दुर्घटनाएं और पैदल यात्रियों को चोट लगने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने मौके पर जांच कर नियम उल्लंघन की पुष्टि की।
त्वरित कार्रवाई से दिया कड़ा संदेश
DM सविन बंसल ने बिना देरी किए पिटकुल की अनुमति निरस्त कर दी।
- रोड कटिंग कार्य पर तत्काल रोक
- मशीनरी जब्त
- अधिशासी अभियंता और ठेकेदार पर मुकदमा
- सड़कों को शीघ्र मूल स्वरूप में लाने के निर्देश
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल दंड नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने के लिए चेतावनी है।
DM सविन बंसल ने अन्य एजेंसियों के लिए भी सख्त नियम
प्रशासन ने साफ किया कि नियम सभी के लिए समान हैं। यूपीसीएल और गेल जैसी एजेंसियों पर भी समय सीमा उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई कर उनकी अनुमति निरस्त की गई और सीमित अवधि के लिए रोड कटिंग पर प्रतिबंध लगाया गया।
DM सविन बंसल जनवरी–फरवरी 2026: व्यवस्था सुधार की ओर कदम
इसी अवधि में प्रशासन ने कई सुधारात्मक फैसले लिए—
- असुरक्षित स्कूल भवनों को हटाकर बच्चों की सुरक्षा
- सरकारी और वन भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान
- अवैध हथियारों और नशे के खिलाफ कार्रवाई
- जनसुनवाई के जरिए शिकायतों का त्वरित समाधान
इन कदमों का उद्देश्य केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि शहर में अनुशासन और जवाबदेही स्थापित करना रहा।
जनता में बढ़ा भरोसा
सड़क खुदाई पर नियंत्रण और त्वरित प्रशासनिक फैसलों से आम नागरिकों में राहत देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि अब शहर में काम तय नियमों के तहत होता नजर आ रहा है, जिससे रोजमर्रा की परेशानियां कम हुई हैं।
निष्कर्ष
देहरादून में DM सविन बंसल की सख्ती ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति से प्रशासनिक सिस्टम को पटरी पर लाया जा सकता है। सड़क खुदाई से लेकर सार्वजनिक सुरक्षा तक, नियमों का पालन सुनिश्चित कर प्रशासन ने एक स्पष्ट संदेश दिया है—लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी।

