
देहरादून, 25 मार्च 2026 – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखंड कैबिनेट की पहली बैठक देहरादून में संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास, युवाओं के रोजगार, शिक्षा व्यवस्था के सुधार, महिला सुरक्षा, न्यायिक दक्षता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कुल 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट हो गई हैं – युवाओं को रोजगार, शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक के बाद कहा कि यह कैबिनेट बैठक विकास और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड को रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए। उन्होंने जोर दिया कि सभी फैसले जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने वाले होंगे और राज्य की प्रगति में तेजी लाएंगे।
बैठक के प्रमुख फैसले
1. रोजगार सृजन से जुड़े अहम प्रस्ताव
कैबिनेट ने युवाओं, महिलाओं और भूतपूर्व सैनिकों के लिए विशेष रोजगार नीति बनाने का फैसला लिया। इसके तहत कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा, स्वरोजगार योजनाओं में सब्सिडी बढ़ाई जाएगी और नई इंडस्ट्रीज को आकर्षित करने के लिए इंसेंटिव दिए जाएंगे।
उपनल (पैनल) कर्मचारियों को “समान काम के बदले समान वेतन” का लाभ देने का प्रस्ताव पास हुआ। 2015 तक नियुक्त कर्मचारियों को तुरंत लाभ मिलेगा, जबकि बाद में नियुक्त कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा। यह फैसला वर्षों से लंबित मांग को पूरा करेगा और सरकारी विभागों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को राहत देगा।
इसके अलावा, पर्यटन, कृषि और आईटी सेक्टर में नए रोजगार अवसर सृजित करने के लिए विशेष पैकेज को मंजूरी दी गई।
2. शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम
शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कई प्रस्ताव पास हुए। उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए “मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना” को और प्रभावी बनाया जाएगा।
स्कूलों और कॉलेजों में गुणवत्ता सुधार, शिक्षकों की ट्रेनिंग और डिजिटल शिक्षा पर जोर दिया जाएगा। सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना के तहत पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि शिक्षा और रोजगार को जोड़ा जाएगा।
कैबिनेट ने तकनीकी शिक्षा में सुधार के लिए भी प्रस्ताव मंजूर किए, जिसमें नए कोर्स और स्किल सेंटर स्थापित करने की योजना शामिल है।
3. सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े फैसले
नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए गए। अपराध पीड़ितों के लिए सहायता योजना में संशोधन किया गया, जिसमें मुआवजे की राशि बढ़ाई गई और प्रक्रिया को सरल बनाया गया।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिसमें रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल शामिल हैं।
16 विशेष न्यायालयों के गठन को मंजूरी दी गई, जिससे लंबित मुकदमों का तेज निपटारा होगा। UCC (समान नागरिक संहिता) में आवश्यक संशोधन के लिए अध्यादेश को भी कैबिनेट ने पास किया।
सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए नई SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) बनाने का फैसला लिया गया।
4. अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव
- केदारनाथ में घोड़े-खच्चर के गोबर और चीड़ की पत्तियों से बायोफ्यूल बनाने का प्रोजेक्ट मंजूर, जो पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार दोनों को बढ़ावा देगा।
- ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा और मंजूरी।
- दुकान और स्थापना अधिनियम में संशोधन, जिसमें काम के घंटों में लचीलापन और महिलाओं के लिए रात की शिफ्ट की अनुमति शामिल।
- कृषि क्षेत्र में सेब नर्सरी विकास योजना और किसानों के हित में अन्य योजनाएं।
- स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार, ESI मेडिकल कैडर बढ़ाने और वन कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय करने के प्रस्ताव।
कुल 16 प्रस्तावों में से अधिकांश रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा, पर्यावरण और कृषि से जुड़े थे। इन फैसलों से राज्य में निवेश बढ़ेगा, युवाओं को अवसर मिलेंगे और आम जनता को राहत पहुंचेगी।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक के बाद कहा, “हमारी सरकार जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। आज के फैसले रोजगार सृजन, बेहतर शिक्षा और सुरक्षित उत्तराखंड की दिशा में ठोस कदम हैं। हम विकास की नई ऊंचाइयों को छूने जा रहे हैं।” उन्होंने सभी मंत्रियों और अधिकारियों को इन फैसलों को जल्द से जल्द अमल में लाने के निर्देश दिए।
बैठक में मौजूद प्रमुख सदस्य
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा नए शामिल हुए मंत्रियों सहित कैबिनेट के अन्य सदस्य, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। हाल ही में कैबिनेट विस्तार के बाद यह पहली पूर्ण बैठक थी, जिसमें नई टीम की ऊर्जा और दृढ़ संकल्प दिखाई दिया।
राज्य के लिए महत्व
ये फैसले उत्तराखंड की आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक मजबूती के लिए अहम हैं। रोजगार से जुड़े प्रस्ताव युवाओं के पलायन को रोकेंगे, शिक्षा सुधार से अगली पीढ़ी तैयार होगी और सुरक्षा के कदम अपराध दर कम करेंगे। बायोफ्यूल प्रोजेक्ट जैसे पर्यावरणीय फैसले हिमालयी राज्य की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि इन निर्णयों से उत्तराखंड न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि पूरे देश के लिए मॉडल भी बनेगा। अगली बैठक में बजट और अन्य बड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।