देहरादून/हल्द्वानी, 8 अप्रैल 2026: उत्तराखंड की राजनीति और मीडिया जगत में एक अनुकरणीय उदाहरण पेश करते हुए हल्द्वानी के वरिष्ठ पत्रकार ध्रुव रौतेला ने लंबे संघर्षों के बाद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हासिल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उन्हें मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष (दर्जा: राज्य मंत्री) नियुक्त किया है। यह पद न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी सपनों को पूरा करने का हौसला रखते हैं।
ध्रुव रौतेला की कहानी बचपन की एक बड़ी त्रासदी से शुरू होती है। हल्द्वानी में जन्मे ध्रुव ने बहुत छोटी उम्र में अपने पिता को खो दिया। पिता की अनुपस्थिति न केवल भावनात्मक रूप से कठिन थी, बल्कि परिवार की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों को भी बढ़ा देती थी। ऐसी विषम परिस्थितियों में उनकी मां राधा रौतेला ने असाधारण साहस और त्याग दिखाया। अकेले ही बेटे को पालते-पोसते हुए उन्होंने ध्रुव को मजबूत इरादों और सकारात्मक सोच वाला इंसान बनाया। मां का यह अटूट समर्थन और ममता ध्रुव की सफलता की सबसे बड़ी आधारशिला बनी।
बचपन की इस चुनौती ने ध्रुव को जीवन की सच्ची परीक्षा दी। युवावस्था में पहुंचते ही उन्होंने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। यहां उन्होंने समाज की वास्तविकताओं को करीब से समझा, लोगों की समस्याओं को जाना और संघर्ष की असली मीनिंग सीखी। उतार-चढ़ाव भरे इस रास्ते पर कई बार मुश्किलें आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
छात्र राजनीति के अनुभव के बाद ध्रुव ने पत्रकारिता को अपना पेशा चुना। अपनी मेहनत, लगन और सच्चाई के बल पर वे देश के प्रमुख समाचार चैनल आज तक से जुड़े और लगभग 10 वर्षों तक वहां काम किया। इस दौरान उन्होंने न केवल खबरों को सही ढंग से प्रस्तुत करना सीखा, बल्कि समाज की नब्ज को भी गहराई से महसूस किया। पत्रकारिता ने उन्हें लोगों की आवाज बनने और तहसील स्तर तक की समस्याओं को समझने का अवसर दिया।
लगभग 30 वर्षों के निरंतर संघर्ष, मेहनत और धैर्य के बाद ध्रुव रौतेला सक्रिय राजनीति में कदम रखा। पत्रकारिता का समृद्ध अनुभव और समाज सेवा की गहरी समझ को साथ लेकर उन्होंने एक नया अध्याय शुरू किया। हाल ही में उत्तराखंड सरकार ने उन्हें मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। सचिव शैलेश बगौली द्वारा यह दायित्व सौंपे जाने का पल उनके जीवन की एक बड़ी उपलब्धि था।
इस पद पर ध्रुव रौतेला अब सरकार और मीडिया के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य संभाल रहे हैं। तहसील स्तर से लेकर उच्च स्तर तक की समस्याओं को सुनना, जनभावनाओं को सरकार तक पहुंचाना और सूचना प्रसारण में बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियां हैं। वे सरकार की नीतियों और विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
ध्रुव रौतेला की यह यात्रा साबित करती है कि हालात चाहे कितने भी प्रतिकूल हों, अगर इरादे पक्के और मेहनत सच्ची हो तो मंजिल जरूर मिलती है। यह कहानी न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता की है, बल्कि उनकी मां राधा रौतेला के त्याग, संघर्ष और अटूट विश्वास की भी जीत है। जिन्होंने हर मुश्किल में बेटे को संभाला और उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार द्वारा ऐसे जिम्मेदार और अनुभवी व्यक्तियों को महत्वपूर्ण पद सौंपना राज्य में अच्छे शासन और जनसंपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। ध्रुव रौतेला जैसे लोग जो पत्रकारिता से राजनीति तक की यात्रा तय कर चुके हैं, वे सरकार और जनता के बीच विश्वास का पुल बन सकते हैं।
ध्रुव रौतेला की कहानी उन सभी युवाओं और संघर्षरत व्यक्तियों के लिए एक संदेश है — “मुश्किलें जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें अपनी ताकत बनाने वाले ही शिखर पर पहुंचते हैं।” उनकी सफलता उत्तराखंड के उन अनगिनत बेटों-बेटियों को प्रेरित करेगी जो सपनों को हकीकत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
अगले दिनों में ध्रुव रौतेला की जिम्मेदारियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर नजर रहेगी, क्योंकि वे न केवल एक पद संभाल रहे हैं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक और अनुभवी पत्रकार के रूप में समाज को बेहतर दिशा देने का दायित्व भी उठा रहे हैं।
यह कहानी साबित करती है कि सच्ची लगन और मां के आशीर्वाद से हर संघर्ष जीता जा सकता है। ध्रुव रौतेला को इस नई जिम्मेदारी पर बधाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।
(समाचार विभिन्न सार्वजनिक सूत्रों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित)
