Dehradun/ 25-05-2026/- भारत 2025–26 में विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अंतरिक्ष अनुसंधान, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और डीप-टेक क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सरकार, निजी उद्योग और स्टार्टअप मिलकर भारत को वैश्विक वैज्ञानिक शक्ति बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
1. Indian Space Research Organisation के चंद्रयान-3 को वैश्विक सम्मान
भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने दुनिया को दिखाया कि कम लागत में भी अत्याधुनिक अंतरिक्ष मिशन सफल हो सकते हैं। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग करने वाला भारत पहला देश बना। इस मिशन को कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मान मिला।
इस सफलता के बाद दुनिया के कई देशों ने भारत के साथ अंतरिक्ष सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखाई। इससे भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी क्षमता और वैश्विक प्रतिष्ठा दोनों मजबूत हुईं। (Press Information Bureau)
2. भारत सरकार ने ₹1 लाख करोड़ का RDI फंड लॉन्च किया
भारत सरकार ने रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (RDI) के लिए ₹1 लाख करोड़ का विशाल फंड शुरू किया। इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र को अनुसंधान में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है।
यह फंड AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक, स्पेस टेक और सेमीकंडक्टर जैसे भविष्य के क्षेत्रों पर केंद्रित है।
सरकार चाहती है कि भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता न रहे बल्कि नई तकनीक विकसित भी करे। (Press Information Bureau)
3. IndiaAI Mission के तहत 38,000+ GPU उपलब्ध
भारत AI क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। IndiaAI Mission के तहत सरकार ने 38,000 से अधिक GPU उपलब्ध कराए हैं ताकि स्टार्टअप, शोध संस्थान और छात्र कम लागत में AI मॉडल विकसित कर सकें।
GPU आधुनिक AI सिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण हार्डवेयर है। पहले भारतीय कंपनियों को विदेशी क्लाउड सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब घरेलू AI कंप्यूटिंग क्षमता तेजी से बढ़ रही है। (IndiaAI)
4. भारत AI पेटेंट फाइलिंग में तेजी से आगे बढ़ा
भारत अब AI रिसर्च और पेटेंट फाइलिंग में दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल हो रहा है।
हजारों भारतीय इंजीनियर और शोधकर्ता मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विज़न, भाषा मॉडल और रोबोटिक्स पर काम कर रहे हैं।
इससे भारत में डीप-टेक स्टार्टअप्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। (IndiaAI)
5. भारत की Global Innovation Index रैंकिंग में बड़ा सुधार
कुछ वर्षों पहले तक भारत नवाचार सूचकांक में काफी पीछे था, लेकिन अब भारत दुनिया के शीर्ष नवाचार देशों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल भुगतान, अंतरिक्ष मिशन और तकनीकी शिक्षा ने भारत की रैंकिंग सुधारने में बड़ी भूमिका निभाई है। (Press Information Bureau)
6. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन की शुरुआत
भारत सरकार ने National Quantum Mission शुरू किया है।
इस मिशन के तहत क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन और क्वांटम साइबर सुरक्षा पर रिसर्च की जा रही है।
क्वांटम टेक्नोलॉजी भविष्य की सबसे शक्तिशाली तकनीकों में मानी जाती है, जो सुपरफास्ट कंप्यूटिंग और अत्यधिक सुरक्षित संचार संभव बना सकती है। (Press Information Bureau)
7. भारत का सेमीकंडक्टर मिशन तेजी से आगे बढ़ा
भारत अब चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
सरकार ने कई कंपनियों को भारत में सेमीकंडक्टर फैक्ट्री लगाने की मंजूरी दी है।
यह कदम मोबाइल, रक्षा, ऑटोमोबाइल और AI उद्योगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। (Prime Minister of India)
8. Indian Institute of Technology Madras और ISRO ने IRIS चिप विकसित की
IIT Madras और ISRO ने मिलकर स्वदेशी अंतरिक्ष उपयोग वाली IRIS चिप विकसित की।
यह चिप सैटेलाइट और अंतरिक्ष मिशनों में उपयोग की जाएगी।
इससे भारत की विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम होगी।
9. भारत का ड्रोन उद्योग तेजी से बढ़ रहा
ड्रोन टेक्नोलॉजी कृषि, रक्षा, सर्वेक्षण, डिलीवरी और आपदा प्रबंधन में क्रांति ला रही है।
भारत सरकार की नई ड्रोन नीति और “ड्रोन शक्ति” योजना के कारण हजारों नए स्टार्टअप सामने आए हैं।
2030 तक भारत का ड्रोन बाजार अरबों डॉलर तक पहुंच सकता है। (Press Information Bureau)
10. स्पेस स्टार्टअप्स के लिए ₹1000 करोड़ का फंड
भारत में निजी अंतरिक्ष कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए स्पेस फंड बनाया गया है।
इससे छोटे स्टार्टअप्स को सैटेलाइट, रॉकेट और स्पेस डेटा सेवाओं में निवेश मिलेगा।
पिछले 5 वर्षों में भारत में 400 से अधिक स्पेस स्टार्टअप उभरे हैं। (The Times of India)
11. अंतरिक्ष क्षेत्र में FDI नियम आसान हुए
भारत सरकार ने स्पेस सेक्टर में विदेशी निवेश नियम आसान किए हैं।
अब विदेशी कंपनियां भारत में सैटेलाइट और स्पेस टेक्नोलॉजी में बड़े स्तर पर निवेश कर सकती हैं।
इससे भारत वैश्विक स्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है। (The Economic Times)
12. बायोटेक और स्पेस रिसर्च में सहयोग
भारत माइक्रोग्रैविटी रिसर्च, स्पेस मेडिसिन और जैव-प्रौद्योगिकी में नई खोजों पर काम कर रहा है।
भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य और अंतरिक्ष कृषि में ये तकनीकें उपयोगी होंगी। (Press Information Bureau)
13. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बना
भारत में अब लाखों स्टार्टअप सक्रिय हैं।
इनमें AI, फिनटेक, हेल्थटेक, एडटेक और डीप-टेक कंपनियां तेजी से बढ़ रही हैं।
सरकारी योजनाओं और डिजिटल इंडिया अभियान ने इस वृद्धि को गति दी है। (Press Information Bureau)
14. भारतीय Large Language Models (LLM) विकसित किए जा रहे
भारत अपनी भाषाओं के लिए AI मॉडल विकसित कर रहा है।
इन मॉडलों का उद्देश्य हिंदी, तमिल, बंगाली और अन्य भारतीय भाषाओं में AI सेवाएं उपलब्ध कराना है।
इससे भारत की भाषाई डिजिटल क्षमता बढ़ेगी। (Press Information Bureau)
15. रक्षा अनुसंधान में स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ी
रक्षा क्षेत्र में अब स्टार्टअप्स को नई तकनीक विकसित करने के अवसर मिल रहे हैं।
ड्रोन, रोबोटिक्स, AI आधारित निगरानी और साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। (Press Information Bureau)
16. राष्ट्रीय डीप-टेक नीति तैयार
सरकार ने डीप-टेक कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति तैयार की है।
इसमें रिसर्च फंडिंग, पेटेंट सहायता और वैश्विक साझेदारी पर फोकस किया गया है। (NovoJuris)
17. ग्रीन हाइड्रोजन मिशन में तेजी
भारत स्वच्छ ऊर्जा के लिए ग्रीन हाइड्रोजन मिशन पर तेजी से काम कर रहा है।
इससे पेट्रोलियम आयात कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
भारत भविष्य में ग्रीन हाइड्रोजन निर्यातक देश बन सकता है। (Press Information Bureau)
18. साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन मजबूत हुआ
रोबोटिक्स, स्मार्ट फैक्ट्री, ऑटोमेशन और इंडस्ट्री 4.0 टेक्नोलॉजी के लिए भारत बड़े स्तर पर निवेश कर रहा है।
इससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की उत्पादकता बढ़ेगी। (Press Information Bureau)
19. विश्वविद्यालयों में रिसर्च फंडिंग बढ़ी
सरकार विश्वविद्यालयों और उद्योगों के बीच रिसर्च सहयोग बढ़ा रही है।
नई योजनाओं के तहत वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अधिक फंड उपलब्ध कराया जा रहा है। (Department of Science and Technology)
20. भारत AI डेवलपर समुदाय में विश्व में अग्रणी
GitHub और ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म पर भारतीय डेवलपर्स का योगदान तेजी से बढ़ा है।
भारत अब AI डेवलपर समुदाय के सबसे सक्रिय देशों में शामिल है। (IndiaAI)
21. क्वांटम स्टार्टअप्स का तेजी से उभार
भारत में कई नए स्टार्टअप क्वांटम साइबर सुरक्षा, क्वांटम नेटवर्क और क्वांटम कंप्यूटिंग पर काम कर रहे हैं।
यह भविष्य के डिजिटल सुरक्षा ढांचे को बदल सकता है। (Department of Science and Technology)
22. विज्ञान आधारित शिक्षा और इनोवेशन को बढ़ावा
स्कूल और कॉलेज स्तर पर इनोवेशन लैब्स और स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर बनाए जा रहे हैं।
इससे युवा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को नई तकनीक विकसित करने का अवसर मिल रहा है। (Press Information Bureau)
23. अंतरिक्ष जैव-निर्माण पर भारत का शोध
भारत अंतरिक्ष में बायो-मैन्युफैक्चरिंग और जीवन विज्ञान पर नए प्रयोग कर रहा है।
भविष्य में यह अंतरिक्ष स्टेशन और लंबी अंतरिक्ष यात्राओं के लिए उपयोगी हो सकता है। (Press Information Bureau)
24. भारत का R&D निवेश लगातार बढ़ रहा
भारत में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों द्वारा अनुसंधान पर खर्च बढ़ा है।
AI, स्पेस, बायोटेक और इलेक्ट्रॉनिक्स में निवेश विशेष रूप से तेजी से बढ़ रहा है। (Press Information Bureau)
25. भारत विज्ञान और टेक्नोलॉजी महाशक्ति बनने की ओर
AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी में तेज प्रगति के कारण भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक विज्ञान शक्ति बन सकता है।

