1. डॉ. आशीष चौहान बने देहरादून के नए डीएम और स्मार्ट सिटी सीईओ
उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए वर्ष 2012 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. आशीष चौहान को देहरादून का नया जिलाधिकारी (डीएम) नियुक्त किया है। इसके साथ ही उन्हें ‘स्मार्ट City देहरादून’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वे पूर्व डीएम सवीन बंसल का स्थान लेंगे। आगामी चुनावों और लंबित परियोजनाओं को गति देने के लिए उन्हें यह बड़ी कमान मिली है।
2. “जनता के द्वार” प्रशासनिक मॉडल पर जोर
देहरादून के नए डीएम डॉ. आशीष चौहान को “जनता का अफसर” कहा जाता है, क्योंकि वे वातानुकूलित दफ्तरों के बजाय सीधे फील्ड में उतरकर काम करने के लिए जाने जाते हैं। पूर्व में उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में तैनाती के दौरान उनके द्वारा शुरू की गई ‘रात्रि चौपाल’ और ‘जनता के द्वार’ पहल को अब राजधानी देहरादून में भी लागू किया जा रहा है, जिससे आम जनता और शासन के बीच की दूरी कम होगी।
3. यूसीओएसटी (UCOST) विज्ञान धाम का विस्तार और आरएंडडी पहल
देहरादून के झाझरा स्थित आंचलिक विज्ञान केंद्र (Vigian Dham) में नई वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं और अनुसंधान एवं विकास (R&D) इन्क्यूबेशन स्पेस का विस्तार किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य के उभरते स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को उन्नत बुनियादी ढांचा प्रदान करना है ताकि वे स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान ढूंढ सकें।
4. सीमांत गांवों के विकास के लिए विशेष अभियान
चीन और नेपाल सीमाओं से सटे उत्तराखंड के वाइब्रेंट विलेजेस (Vibrant Villages) में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने “ऑपरेशन सीमांत सशक्तिकरण” को और तेज कर दिया है। इसके तहत सुदूरवर्ती सीमावर्ती क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क विस्तार, पक्की सड़कें, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
🗻 2. चारधाम यात्रा और पर्यटन अपडेट्स
5. खराब मौसम के कारण केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा क्षेत्र में भारी बारिश और आंधी-तूफान के संबंध में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ धाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है。 पैदल मार्ग पर चल रहे यात्रियों को नजदीकी होल्डिंग सेंटरों और सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है।
6. श्रीनगर और ऋषिकेश में केदारनाथ जाने वाले वाहनों पर रोक
केदारनाथ मार्ग पर मौसम खराब होने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए श्रीनगर (गढ़वाल) और ऋषिकेश में ही बाबा केदार की ओर जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक निर्धारित होल्डिंग एरिया में ही बने रहें और यात्रा नियंत्रण कक्ष के निर्देशों का पालन करें।
7. नीति घाटी में ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026’ का आयोजन
चमोली जिले में भारत-चीन सीमा के पास स्थित नीति घाटी को एडवेंचर टूरिज्म का नया हब बनाने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विभाग ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026’ (Niti Extreme Ultra Run) की मेजबानी कर रहा है। यह दौड़ समुद्र तल से 10,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर आयोजित की जा रही है, जिसमें देश-विदेश के सैकड़ों धावक हिस्सा ले रहे हैं।
8. सीमावर्ती क्षेत्रों में होमस्टे क्षमता में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन जैसी बड़ी खेल और पर्यटन गतिविधियों के कारण भारत के अंतिम गांवों में स्थानीय आर्थिकी मजबूत हो रही है। पर्यटन सचिव के अनुसार, नीति घाटी में पंजीकृत होमस्टे की संख्या महज कुछ कमरों से बढ़कर 265 से अधिक हो गई है, जिससे सीमांत क्षेत्र के निवासियों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है और पलायन रुक रहा है।
9. यमुनोत्री मार्ग पर स्वास्थ्य जांच और एहतियात
चारधाम यात्रा सीजन के दौरान बढ़ती भीड़ और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन के कारण श्रद्धालुओं की सेहत पर विशेष नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने यमुनोत्री और गंगोत्री पैदल मार्गों पर जगह-जगह मेडिकल रिलीफ पोस्ट स्थापित किए हैं, जहां यात्रियों की पल्स और ऑक्सीजन स्तर की जांच अनिवार्य रूप से की जा रही है।
🌧️ 3. मौसम का मिजाज और आपदा प्रबंधन
10. उत्तराखंड में प्री-मानसून का तांडव: 48 घंटों में कई मौतें
राज्य में मौसम ने अचानक करवट बदली है। पिछले 48 घंटों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और मौसम जनित पहाड़ी सड़क हादसों के कारण राज्य भर में कई लोगों की जान जाने की दुखद खबरें सामने आई हैं। कुमाऊं और गढ़वाल दोनों मंडलों के पहाड़ी हिस्सों में तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के पोल गिरने की घटनाएं हुई हैं。
11. चंपावत के ‘जोड़ मेला’ में एसडीआरएफ का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
चंपावत जिले के ऐतिहासिक श्री रीठा साहिब गुरुद्वारे में चल रहे वार्षिक ‘जोड़ मेला’ के दौरान लाधिया नदी में अचानक पानी का स्तर बढ़ गया। नदी में स्नान कर रहे 50 से अधिक सिख श्रद्धालु बीच धारा में फंस गए। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालकर एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
12. बागेश्वर के पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर लापता ट्रेकर की तलाश जारी
नोएडा से उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पिंडारी ग्लेशियर ट्रेकिंग पर आया एक ट्रेकर वापस लौटते समय अपने स्थानीय कुली (पॉटर) से बिछड़ कर लापता हो गया है। Kapkot पुलिस की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम ने सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। खराब मौसम और भारी बारिश के बावजूद रेस्क्यू टीमें रस्सी के सहारे गहरी खाइयों और जंगलों में खोजबीन कर रही हैं।
13. संवेदनशील पहाड़ी जिलों के लिए मौसम विभाग का ‘ऑरेंज अलर्ट’
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, टिहरी और देहरादून जिलों के लिए आगामी दिनों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने, ओलावृष्टि होने और आकाशीय बिजली गिरने की तीव्र आशंका व्यक्त की गई है।
14. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जारी की गाइडलाइंस
मौसम की गंभीर चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD), SDRF और स्वास्थ्य विभागों को संवेदनशील लैंडस्लाइड जोन के पास जेसीबी मशीनों और आपातकालीन एम्बुलेंस के साथ तैनात रहने को कहा गया है।
15. पहाड़ी सड़कों पर हादसों में बढ़ोतरी; एम्बुलेंस खाई में गिरी
खराब मौसम, दृश्यता कम होने और संकरे पहाड़ी रास्तों के कारण दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ा है। ताजा घटना में चमोली जिले के देवाल विकासखंड में एक मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में समा गई, जिससे उसमें सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रशासन ने चालकों से रात के समय पहाड़ों में ड्राइविंग न करने की अपील की है।
16. आदि कैलाश यात्रा के दौरान बुजुर्ग श्रद्धालु का निधन
पिथौरागढ़ जिले में चल रही आदि कैलाश तीर्थयात्रा के दौरान धारचूला क्षेत्र में गुजरात के एक 76 वर्षीय बुजुर्ग श्रद्धालु की अचानक दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। ऊंचाई वाले और अत्यधिक ठंडे क्षेत्रों में जाने वाले बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए प्रशासन ने पूर्व-चिकित्सीय परामर्श को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।
🌲 4. पर्यावरण, वनाग्नि और हीटवेव
17. उत्तराखंड के जंगलों में भीषण आग (Forest Fires) का कहर
मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी और पहाड़ों में सूखे मौसम के चलते उत्तराखंड के कई जिलों में वनाग्नि लगातार विकराल रूप ले रही है। विकासनगर की त्यूणी देवघार रेंज और चमोली के नारायणबगड़ क्षेत्र में संदिग्ध कारणों से जंगलों में भड़की आग से वन संपदा के साथ-साथ कई सेब के बाग जलकर राख हो गए हैं।
18. वनाग्नि पर काबू पाने के लिए वन विभाग ने झोंकी ताकत
तीव्र गर्मी और तेज हवाओं के कारण जंगलों की आग पर काबू पाना वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। वन विभाग की टीमों के साथ स्थानीय ग्रामीण और दमकल कर्मी ‘फायर लाइन्स’ बनाकर और पारंपरिक तरीकों से आग को रिहायशी इलाकों में फैलने से रोकने की जद्दोजहद में जुटे हैं।
19. उत्तर भारत में हीटवेव के चलते उत्तराखंड के हिल स्टेशनों पर उमड़ा जनसैलाब
मैदानी राज्यों (दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी) में जारी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) से बचने के लिए लाखों की संख्या में पर्यटक उत्तराखंड के पहाड़ी गंतव्यों की ओर रुख कर रहे हैं। देहरादून, मसूरी, नैनीताल, धनोल्टी और रानीखेत के सभी होटल और होमस्टे पूरी तरह पैक हो चुके हैं।
20. भारी पर्यटक भीड़ से सड़कें चोक; लगा लंबा ट्रैफिक जाम
अचानक पर्यटकों और वाहनों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने के कारण हरिद्वार, चमोली, देहरादून और मसूरी बाईपास की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लग रहा है। पुलिस प्रशासन को यातायात व्यवस्था सुचारू करने के लिए अतिरिक्त बलों को तैनात करना पड़ा है और पर्यटकों से जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की जा रही है।
💻 5. विज्ञान, नवाचार और इंफ्रास्ट्रक्चर
21. “AI on Wheels” मोबाइल वैन शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर
राज्यपाल द्वारा लॉन्च की गई “AI on Wheels” मोबाइल लैब सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों के स्कूलों में पहुँचने लगी है। इसके जरिए सरकारी स्कूलों के बच्चों को रोबोटिक्स, कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की व्यावहारिक शिक्षा मिल रही है, जो उत्तराखंड को तकनीकी शिक्षा में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
22. ‘चंपावत साइंस सेंटर’ के निर्माण कार्य में आई तेजी
चंपावत में बन रहे ₹55.52 करोड़ के अत्याधुनिक साइंस सेंटर के निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा की जा रही है। इस विज्ञान केंद्र के बनने से कुमाऊं मंडल के सीमांत क्षेत्रों के छात्रों को खगोल विज्ञान (Astronomy Gallery) और कृषि से जुड़ी आधुनिक तकनीकों को लाइव देखने और समझने का अवसर मिलेगा।
23. ‘शी फॉर स्टेम’ (She for STEM) के तहत छात्राओं को फेलोशिप
उत्तराखंड के सरकारी कॉलेजों में विज्ञान और गणित (STEM) विषयों को बढ़ावा देने के लिए लड़कियों के लिए विशेष फेलोशिप प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। इसका उद्देश्य अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाकर लैंगिक असमानता को खत्म करना है।
24. ‘एरोमा रिवॉल्यूशन पॉलिसी 2026-36’ धरातल पर उतरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा घोषित 10-वर्षीय एरोमा पॉलिसी के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में 7 एरोमा वैली विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लेमनग्रास, लैवेंडर और दालचीनी जैसी नकदी फसलों के वैज्ञानिक उत्पादन के लिए किसानों को आधुनिक डिस्टिलेशन किट्स और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
25. “विकसित उत्तराखंड @ 2047” विजन डाक्यूमेंट पर काम शुरू
राज्य सरकार ने उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक देश का अग्रणी टिकाऊ पर्वतीय नवाचार हब (Sustainable Mountain Innovation Hub) बनाने के लिए रोडमैप तैयार कर लिया है। इसके तहत इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ नॉलेज इकोनॉमी, डिजिटल साक्षरता, आपदा प्रतिरोधी तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के बीच एक मजबूत संतुलन बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

