पौड़ी के राजकीय इंटर कॉलेज भगवती तलिया से सामने आया शिक्षक-विद्यार्थी रिश्ते का भावुक वीडियो, एक शिक्षक अमित वल्दिया के समर्पण की कहानी

पौड़ी के राजकीय इंटर कॉलेज भगवती तलिया से सामने आया शिक्षक-विद्यार्थी रिश्ते का भावुक वीडियो, एक शिक्षक अमित वल्दिया के समर्पण की कहानी
आठ विषय, एक शिक्षक और विदाई में छलके आंसू: अमित वल्दिया के समर्पण की कहानी

पौड़ी गढ़वाल | विशेष रिपोर्ट | देवभूमि के लोग न्यूज़

पौड़ी जनपद के बीरोंखाल ब्लॉक स्थित राजकीय इंटर कॉलेज भगवती तालिया से सामने आया एक भावुक विदाई वीडियो इन दिनों शिक्षक और विद्यार्थियों के रिश्ते की गहराई को सामने ला रहा है। विद्यालय में PTI के पद पर कार्यरत अमित वल्दिया के स्थानांतरण के दौरान विद्यार्थी भावुक हो उठे और कई बच्चों की आंखों से आंसू छलक पड़े।

विदाई का यह दृश्य बताता है कि अमित सिंह वल्दिया ने विद्यार्थियों के बीच केवल PTI के रूप में नहीं, बल्कि शिक्षक और मार्गदर्शक के रूप में भी अपनी पहचान बनाई।

PTI थे, लेकिन जरूरत पड़ने पर पढ़ाए कई विषय

अमित सिंह वल्दिया मूल रूप से पिथौरागढ़ के रहने वाले हैं। शिक्षक के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग पौड़ी जनपद में हुई। उनकी नियुक्ति PTI के पद पर थी और उनकी मूल जिम्मेदारी शारीरिक शिक्षा एवं खेल गतिविधियों से जुड़ी थी।

विद्यालय में स्थायी प्रवक्ताओं की कमी के बीच उन्होंने अपनी भूमिका को केवल PTI तक सीमित नहीं रखा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को इतिहास और भौतिक विज्ञान पढ़ाया। वहीं कक्षा 6, 7, 8,9 और 10 में सामाजिक विज्ञान सहित अन्य विषयों की पढ़ाई में भी सहयोग किया।

एक दिन में आठ विषयों तक पढ़ाने की जिम्मेदारी

अमित वल्दिया के कार्यकाल की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने एक दिन में आठ अलग-अलग विषयों तक पढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली।

शिक्षकों की कमी के बीच यह जिम्मेदारी उठाना उनके समर्पण को दर्शाता है। हालांकि, यह स्थिति विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

एक PTI का कई विषयों की पढ़ाई संभालना तत्काल परिस्थितियों में विद्यार्थियों के लिए मददगार हो सकता है, लेकिन इसका स्थायी समाधान पर्याप्त और विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति ही है।

विद्यार्थियों के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव

अमित वल्दिया केवल कक्षाएं लेने तक सीमित नहीं रहे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वे विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को सुनते और उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर मार्गदर्शन देते रहे।

इसी संवाद और सहयोग ने उन्हें विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय बनाया। उनके स्थानांतरण की खबर पर बच्चों की भावुक प्रतिक्रिया इसी जुड़ाव की झलक देती है।

पढ़ाए गए विषयों में 100 प्रतिशत परिणाम

विद्यार्थियों और उपलब्ध जानकारी के अनुसार अमित वल्दिया द्वारा पढ़ाए गए विषयों में 100 प्रतिशत परिणाम रहा।

इसके अलावा अमित बच्चों की जरूरतों में भी उनकी मदद करते थे, उनकी धर्मपत्नी लुबना वल्दिया ने बताया कि विघालय अति दूरस्त क्षेत्र में था, जहां पठन सामग्रि की कमी होने पर अमित बच्चों की किताबें लेने देहरादून तक चले जाते थे।

विद्यालय में स्थायी प्रवक्ताओं की कमी

राजकीय इंटर कॉलेज भगवती तालिया में स्थायी प्रवक्ताओं की कमी के कारण शैक्षणिक व्यवस्था के सामने चुनौती बनी हुई है। विद्यालय में श्री आशीष देवरानी प्रधानाचार्य का प्रभार संभाल रहे हैं।

ऐसे में अमित वल्दिया द्वारा अतिरिक्त विषयों की जिम्मेदारी उठाना विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण सहयोग रहा। लेकिन यह स्थिति यह भी बताती है कि पहाड़ी क्षेत्रों के विद्यालयों में पर्याप्त विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति कितनी जरूरी है।

विदाई में छलके आंसू, शिक्षक के प्रति सम्मान की तस्वीर

स्थानांतरण के दौरान विद्यार्थियों का भावुक होना इस पूरे घटनाक्रम का सबसे मार्मिक पक्ष रहा।

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