1. इसरो का जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 मिशन सफल
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट के जरिए भू-तुल्यकालिक कक्षा में भारत के पहले एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-05 को सफलतापूर्वक स्थापित किया है। यह भू-पर्यवेक्षण उपग्रह मौसम और आपदा प्रबंधन निगरानी में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
2. बाहुबली रॉकेट के लिए CE20 क्रायोजेनिक इंजन का हॉट टेस्ट सफल
ISRO ने महेंद्रगिरि में गगनयान मिशन और LVM3 रॉकेट के उन्नत C32 चरण के लिए 220 kN थ्रस्ट क्षमता वाले उच्च क्षमता वाले CE20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल हॉट टेस्ट पूरा किया है।
3. डीआरडीओ का ‘कुशा’ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम का पहला परीक्षण
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने भारत की स्वदेशी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली ‘कुशा’ मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया, जो लड़ाकू विमानों और मिसाइलों को लंबी दूरी पर नष्ट करने में सक्षम है।
4. सीमा सुरक्षा के लिए डीआरडीओ का AI-बेस्ड नेक्स्ट-जनरेशन शील्ड
DRDO ने सीमाओं की निगरानी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), एंटी-ड्रोन लेजर और उन्नत रडार से लैस अगली पीढ़ी का सुरक्षा ढांचा विकसित करने की घोषणा की है।
5. भारत में पहली बार प्राइवेट फ्यूजन रिएक्टर में बना ‘प्लाज्मा’
बेंगलुरु स्थित प्राइवेट स्टार्टअप प्रनोस फ्यूजन (Pranos Fusion) ने अपने कॉम्पैक्ट टोकामक ‘PRAGYA’ में सफलतापूर्वक पहला प्लाज्मा निर्मित किया, जो 2030 तक नेट-एनर्जी गेन फ्यूजन रिएक्टर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
6. डीआरडीओ का निजी क्षेत्र को मिसाइल तकनीक हस्तांतरण (ToT)
रक्षा मंत्रालय ने आकाश, अस्त्र और प्रलय जैसी रणनीतिक मिसाइलों के उत्पादन के लिए डीआरडीओ की तकनीकों को भारतीय निजी रक्षा कंपनियों को सौंपने की नीति को मंजूरी दी।
7. किंग कोबरा के जहर से बचाने वाले नए एंटीवेनम का सफल परीक्षण
भारतीय वैज्ञानिकों ने नैनोबॉडी आधारित एक नया ‘एंटीवेनम’ विकसित किया है, जिसने प्री-क्लिनिकल ट्रायल में खतरनाक किंग कोबरा के जहर को बेअसर कर दिया।
8. आईआईटी रुड़की ने बनाया 3D-MIDAS इलेक्ट्रॉनिक बैंडेज
IIT रुड़की और INST मोहाली के वैज्ञानिकों ने बायो-इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट बैंडेज बनाई है जो सामान्य पट्टियों की तुलना में घावों को तीन गुना तेजी से भरने में मदद करती है।
9. ब्रिक्स समिट 2026 में ‘BRICS साइंस एंड रिसर्च रिपोजिटरी’ का गठन
भारत की मेजबानी में BRICS देशों ने एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी का साझा डेटा वैज्ञानिकों तक पहुंचाने के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने का फैसला किया।
10. क्वांटम कंप्यूटिंग पर राष्ट्रीय मिशन को मिली नई गति
नेपाल-तिब्बत जलप्रलय और प्राकृतिक आपदाओं के बाद भारत के नेशनल क्वांटम मिशन ने आपदा पूर्वानुमान मॉडल विकसित करने के लिए क्वांटम-सिमुलेशन प्रोजेक्ट्स का दायरा बढ़ाया है।
11. एचएलईवी (HLEV) हाइड्रोजन इंजन वाली ट्रेनों का पहला ट्रायल
भारतीय रेलवे ने पर्यावरण-अनुकूल यातायात की दिशा में भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन के ट्रायल की अंतिम तैयारियां पूरी कर ली हैं।
12. सेमीकंडक्टर फैब यूनिट्स में स्वदेशी चिप्स का उत्पादन शुरू
‘इण्डिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत गुजरात और असम में स्थापित सेमीकंडक्टर प्लांट्स ने घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव उद्योग के लिए पहली व्यावसायिक चिप्स की आपूर्ति की।
13. एयरोस्पेस ग्रेड फेरियम C64 अलॉय स्टील का स्वदेशी विकास
सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थनेस (CEMILAC) ने हेलीकॉप्टर ट्रांसमिशन और जेट इंजन गियर्स के लिए जरूरी प्रीमियम फेरियम C64 अलॉय के स्वदेशी इस्तेमाल को मंजूरी दी।
14. ग्रीन हाइड्रोजन चालित जहाजों का पहला प्रोटोटाइप
कोचीन शिपयार्ड और सीएसआईआर ने भारत के पहले पूर्णतः ग्रीन हाइड्रोजन से संचालित अंतर्देशीय जलपोत का समुद्री परीक्षण शुरू किया।
15. जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) सूखा-रोधी फसलों का नया फील्ड ट्रायल
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने जलवायु परिवर्तन और सूखे से निपटने के लिए गेहूं व सरसों की नई जीनोम-एडिटेड किस्मों के फील्ड ट्रायल को हरी झंडी दी।
16. सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के तहत ‘परम-सिद्धि II’ का अनावरण
सी-डैक (C-DAC) ने एआई अनुसंधान और गहन आणविक शोध के लिए देश का नया सबसे तेज एआई सुपरकंप्यूटर ‘परम-सिद्धि II’ चालू किया।
17. मेडिकल रोबोटिक्स में नया मील का पत्थर: स्वदेशी SSI मोंत्रा सिस्टम
भारतीय सर्जिकल रोबोटिक्स कंपनी ने अपनी दूसरी पीढ़ी का 3D-विजुलाइजेशन आधारित रोबोटिक सर्जरी प्लेटफॉर्म पेश किया, जो कम लागत में जटिल ऑपरेशनों को अंजाम देगा।
18. 6G टेलीकॉम रिसर्च के लिए ‘भारत 6G एलायंस’ का पहला पेटेंट
भारतीय शोधकर्ताओं और आईआईटी के कंसोर्टियम ने 6G वायरलेस तकनीक से जुड़े टेराहर्ट्ज़ (THz) संचार मॉड्यूल का पहला वैश्विक पेटेंट दाखिल किया।
19. ई-वेस्ट से दुर्लभ मिट्टी (Rare Earth Elements) निकालने की नई बायो-लीचिंग तकनीक
सीएसआईआर-एनएमएल (CSIR-NML) के वैज्ञानिकों ने पर्यावरण के अनुकूल बैक्टीरिया का उपयोग करके इलेक्ट्रॉनिक कचरे से नियोडिमियम और लिथियम पुनर्प्राप्त करने की प्रक्रिया विकसित की।
20. समुद्रयान मिशन (MATSYA 6000) का डीप-सी ड्राई ट्रायल
राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान (NIOT) ने भारत के चालक दल वाले गहरे समुद्र मिशन ‘समुद्रयान’ के लिए मत्स्य 6000 सबमर्सिबल का ड्राई-डॉक इंटीग्रेशन टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया।
इस वीडियो में BRICS समिट के दौरान भारत और साझेदार देशों द्वारा AI, क्वांटम तकनीक और साइंस सेक्टर में भविष्य के साझेदार रोडमैप की पूरी जानकारी दी गई है।11 देश मिलकर बनाएंगे Future Technology | BRICS Summit 2026