चारधाम यात्रा अब केदारनाथ-बदरीनाथ तक, भूस्खलन बना प्रमुख खतरा

चारधाम यात्रा अब केदारनाथ-बदरीनाथ तक, भूस्खलन बना प्रमुख खतरा

शीर्षक: आपदा की मार: चारधाम यात्रा अब केवल केदारनाथ-बदरीनाथ तक, भूस्खलन से राह बाधित

उत्तरकाशी जिले में आई आपदा ने चारधाम यात्रा को बुरी तरह प्रभावित किया है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा पूरी तरह ठप हो गई है। इस बार भारी बारिश ने चारधाम यात्रा के संचालन पर गहरा असर डाला है, जिसके चलते यात्रा अब केवल केदारनाथ और बदरीनाथ धाम तक सीमित रह गई है। हालांकि, इन दोनों धामों तक पहुंचने वाले मार्गों पर भूस्खलन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

आमतौर पर मानसून के दौरान चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या में कमी देखी जाती है, और सितंबर में यात्रा फिर से गति पकड़ लेती है। लेकिन इस बार उत्तरकाशी में आई आपदा के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के रास्ते बंद हैं, जिससे इन पवित्र स्थलों पर सन्नाटा पसरा है। जहां कभी श्रद्धालुओं के जयकारे गूंजते थे, वहां अब खामोशी छाई है।

यात्रा के आंकड़े: पर्यटन विभाग के अनुसार, 30 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक 42.54 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। वर्तमान में केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में प्रतिदिन 3,000 से 5,000 श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। हालांकि, बदरीनाथ मार्ग पर कमेड़ा और लामबगड़ में भूस्खलन के कारण यात्रा बार-बार बाधित हो रही है। वहीं, केदारनाथ जाने वाले मार्ग पर सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच भूस्खलन यात्रियों के लिए कठिनाई पैदा कर रहा है।

पर्यटन मंत्री का बयान: उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि आपदा के कारण चारधाम यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौसम में सुधार के साथ यात्रा फिर से गति पकड़ेगी। उन्होंने तीर्थयात्रियों को सलाह दी कि भारी बारिश और भूस्खलन की संभावनाओं को देखते हुए मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें।

चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब में दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या:

  • केदारनाथ धाम: 14.80 लाख
  • बदरीनाथ धाम: 12.78 लाख
  • गंगोत्री धाम: 6.69 लाख
  • यमुनोत्री धाम: 5.86 लाख
  • हेमकुंड साहिब: 2.49 लाख

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