साइबर ठगी का तांडव:122 केस दर्ज, 84 करोड़ की हानि, झांसा देकर कंगाल

साइबर ठगी का तांडव:122 केस दर्ज, 84 करोड़ की हानि, झांसा देकर कंगाल

साइबर अपराधियों का नया हथकंडा: जल्द अमीर होने का लालच देकर लोगों को ठग रहे, देहरादून में सेवानिवृत्त अधिकारी से 44.50 लाख की लूट


ऑनलाइन ठगी का बढ़ता खतरा ,निवेश के नाम पर लाखों की चपेट में , सेवानिवृत्त अधिकारी से 44.50 लाख ठगे

डिजिटल युग में इंटरनेट ने जहां जीवन को सुगम बनाया है, वहीं साइबर ठगों के लिए यह शक्तिशाली हथियार बन गया है। साइबर अपराधी उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जो मेहनत के बिना रातोंरात दौलत कमाने के सपने देखते हैं। डबल मुनाफे की स्कीम, ऑनलाइन ट्रेडिंग, और क्रिप्टोकरेंसी जैसी आकर्षक योजनाओं के बहाने ठग भारी रकम हड़प रहे हैं, जिसमें वरिष्ठ नागरिक सबसे आसान शिकार हैं। जागरूकता अभियानों के बावजूद लोग ठगों के जाल में फंसते जा रहे हैं।

साइबर ठग इंटरनेट मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स, और ईमेल के जरिए लोगों को टारगेट करते हैं। उन्हें कम निवेश पर जल्दी दोगुना या तिगुना मुनाफे का लालच दिया जाता है। अक्सर फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप बनाए जाते हैं, जो असली निवेश प्लेटफॉर्म जैसे दिखते हैं। शुरुआत में थोड़ा मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता जाता है, फिर लाखों रुपये ठग लिए जाते हैं।

साइबर ठगी के बढ़ते आंकड़े
वर्ष, कुल शिकायतें (एनसीआरपी), मुकदमे, ठगी (करोड़ में)

  • 2021: 6,381, 632, 11.40 करोड़
  • 2022: 14,451, 172, 40 करोड़
  • 2023: 20,946, 313, 69 करोड़
  • 2024: 26,011, 313, 167 करोड़
  • 2025: 16,249 (15 जुलाई तक), 122, 84 करोड़

साइबर ठगी के तरीके

  • फर्जी निवेश स्कीम: ठग फर्जी ऐप और वेबसाइट बनाकर निवेश का झांसा देते हैं। शुरुआत में थोड़ा मुनाफा देकर भरोसा दिलाया जाता है, फिर बड़ी रकम हड़प ली जाती है।
  • ऑनलाइन लोन ऐप्स: आसान लोन देने के बहाने भारी ब्याज वसूला जाता है। रकम न लौटाने पर पीड़ितों के संपर्कों को धमकी भरे मैसेज भेजे जाते हैं।
  • पार्ट-टाइम जॉब: घर बैठे कमाई के नाम पर डाटा एंट्री या टास्क पूरे करने के बहाने ऐप डाउनलोड करवाए जाते हैं, फिर पैसे ऐंठे जाते हैं।
  • ऑनलाइन शॉपिंग/फर्जी ऑफर: सस्ते ब्रांडेड सामान का लालच देकर पैसे लिए जाते हैं, लेकिन सामान कभी नहीं मिलता।

देहरादून: सेवानिवृत्त अधिकारी से 44.50 लाख की ठगी
देहरादून में साइबर ठगों ने एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी नरेश कुमार (कैनाल रोड निवासी) को 44.50 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया। पीड़ित ने बताया कि 4 जून 2025 को फेसबुक पर एक निवेश लिंक देखने के बाद उन्हें 11-स्टार्टअप मल्टीपल ग्रोथ वीआईपी ग्रुप में जोड़ा गया, जिसके एडमिन अभिजीत तालुकदार थे। 11 जून को वाट्सएप पर अभिषेक उम्मद नामक व्यक्ति ने संपर्क किया और नियमित निवेश सलाह देने लगा।

20 जून को गूगल के जरिए एक ऐप डाउनलोड कराया गया, जिसमें शेयर खरीद-बिक्री की सलाह दी गई। नरेश ने 1,000 रुपये से शुरुआत की, जिसमें थोड़ा मुनाफा दिखा। इसके बाद उन्हें बड़े पैमाने पर शेयर खरीदने के लिए दबाव डाला गया। 5 अगस्त तक उन्होंने 44.50 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन मुनाफा निकाल नहीं पाए। ठगी का पता चलने पर उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। नरेश ने कहा कि ठगों ने उनकी जिंदगी की मेहनत की कमाई लूट ली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *