केदारनाथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर: यूसीएडीए सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने हेली शटल बुकिंग के लिए बनाया मजबूत बहुस्तरीय निगरानी तंत्र

केदारनाथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर: यूसीएडीए सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने हेली शटल बुकिंग के लिए बनाया मजबूत बहुस्तरीय निगरानी तंत्र

देहरादून/ऋषिकेश, 9 अप्रैल 2026 /-B P Singh- केदारनाथ यात्रा की तैयारियां इस बार पहले से ज्यादा व्यवस्थित नजर आ रही हैं। उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूसीएडीए) ने हेली शटल सेवा की बुकिंग और संचालन के लिए एक मजबूत बहुस्तरीय निगरानी तंत्र तैयार कर लिया है। श्रद्धालुओं को साफ-साफ सलाह दी गई है कि हेलीकॉप्टर टिकट सिर्फ आधिकारिक पोर्टल heliyatra.irctc.co.in से ही बुक करें। कोई भी अन्य वेबसाइट, एजेंट या सोशल मीडिया लिंक पर भरोसा न करें, वरना साइबर धोखाधड़ी या कालाबाजारी का शिकार हो सकते हैं।

यूसीएडीए के सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि हेली शटल सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। आमतौर पर 8-9 कंपनियां इसमें हिस्सा लेती हैं और सभी 9 हेलिपैड्स के संचालन के लिए आवेदन करती हैं। उन्होंने कहा, “यात्रा के दौरान ब्लैक मार्केटिंग या साइबर क्राइम की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेंगे। आगामी यात्रा में भी यही मजबूत तंत्र काम करेगा।”

निगरानी की पक्की व्यवस्था

  • यूसीएडीए स्तर पर अलग कंट्रोल रूम बनाया गया है जो 24 घंटे नजर रखेगा।
  • आईआरसीटीसी का कस्टमर केयर तुरंत शिकायतों का निपटारा करेगा।
  • जिला प्रशासन और पुलिस टिकट कालाबाजारी और फ्रॉड पर सख्त नजर रख रही है।

डॉ. चौहान का कहना है कि प्रशासनिक टीम पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के सुरक्षित यात्रा कर सकें।

चारधाम यात्रा पंजीकरण और संपर्क विवरण
चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पहले ही शुरू हो चुका है। तीर्थयात्रियों को अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होगा।

ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें:

  • आधिकारिक वेबसाइट: https://registrationandtouristcare.uk.gov.in
  • या ‘Tourist Care Uttarakhand’ मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।
  • WhatsApp पर “Yatra” लिखकर भेजें: +91-8394833833
  • टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें: 1364 (उत्तराखंड) या 0135-1364 (अन्य राज्य)

उत्तराखंड पर्यटन विभाग (UTDB) संपर्क:

  • पर्यटक हेल्पलाइन (सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक): 0135-2559898, 0135-2552627, 0135-3520100
  • चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम: 0135-2559898, 2552627, 0135-3520100
  • ईमेल: touristcare.uttarakhand@gmail.com

GMVN (गढ़वाल मंडल विकास निगम) संपर्क – आवास बुकिंग के लिए

  • मुख्यालय, देहरादून: 0135-6913000, 2746817, 2749308
  • यात्रा कार्यालय, ऋषिकेश: 0135-2431793, 2431783
  • ईमेल: yatraofficegmvn@gmail.com
  • क्षेत्रीय प्रबंधक:
  • उत्तरकाशी: 9568006695 (बिरेंद्र गुसाईं)
  • चमोली: 7983598905 (विश्वनाथ बेंजवाल)
  • रुद्रप्रयाग: 9568006632 (गिरवर सिंह रावत)

यात्रा कंट्रोल रूम और आपातकालीन नंबर

  • टोल-फ्री यात्रा हेल्पलाइन: 1364
  • आपातकालीन: 112 (पुलिस/आपदा) | 108 (एम्बुलेंस) | 101 (फायर)

जिला स्तर पर सार्वजनिक शिकायत निवारण और संपर्क (चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी)

  • चमोली जिला:
  • डीएम कार्यालय: 01372-252102 / 252101
  • एसपी कार्यालय: 01372-252134 / 252133
  • पर्यटन सूचना केंद्र, गोपेश्वर: 01372-253185
  • रुद्रप्रयाग जिला:
  • डीएम कार्यालय: 01364-233300 / 233376
  • एसपी कार्यालय: 01364-233210 / 233388
  • उत्तरकाशी जिला:
  • पर्यटन सूचना केंद्र: 01374-274761
  • (जिला आपदा/यात्रा संबंधी शिकायतें डीएम कार्यालय से संपर्क करें)

यात्रियों के लिए सलाह

  • चारधाम पंजीकरण अवश्य पूरा करें।
  • हेली टिकट सिर्फ आधिकारिक पोर्टल heliyatra.irctc.co.in से बुक करें।
  • कोई समस्या हो तो ऊपर दिए गए नंबर्स पर तुरंत संपर्क करें।
  • फर्जी एजेंटों और कालाबाजारी से बचें।

डॉ. आशीष चौहान: संकटमोचक अधिकारी जिनके हाथों में पहाड़ी राज्य की उड़ान संभल रही

डॉ. आशीष चौहान (2012 बैच आईएएस) उत्तराखंड प्रशासन में किसी संकट की स्थिति में सरकार का भरोसेमंद नाम बन चुके हैं। जब भी कोई विभाग या जिला मुश्किल में फंस जाता है, उन्हें बुलाया जाता है। वे न सिर्फ संकट संभालते हैं, बल्कि उसे उच्चतम स्तर तक ले जाते हैं। लोग उन्हें ‘संकटमोचक अधिकारी कहकर भी पुकारते हैं।

वर्ष 2021 में पहली बार उन्हें यूसीएडीए में लाया गया था। तब उन्होंने सिविल एविएशन की मजबूत नींव रखी। पिछले साल जब हेलीकॉप्टर हादसों और सुरक्षा चिंताओं के कारण पूरा विभाग उथल-पुथल में था, तब उन्हें दोबारा सीईओ बनाकर भेजा गया। उनके आने के बाद लंबित काम फिर से पटरी पर लौट रहे हैं और विभाग स्थिरता की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने पिथौरागढ़, देहरादून (जॉली ग्रांट) और पंतनगर एयरपोर्ट के संचालन और विकास में अहम भूमिका निभाई है। उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक स्थिति को अच्छी तरह समझते हुए उन्होंने UDAN रूट्स पर खास ध्यान दिया। इन रूट्स ने पहाड़ी इलाकों के लोगों के लिए हवाई यात्रा को आसान बना दिया है। जहां पहले सड़क से कई घंटे लगते थे, वहां अब समय और मेहनत दोनों बच रही है। दूरस्थ गांवों के लोगों के लिए ये रूट्स वाकई गेम चेंजर साबित हुए हैं। साथ ही चारधाम यात्रा और एडवेंचर टूरिज्म को भी बड़ा बढ़ावा मिला है।

डॉ. चौहान के नेतृत्व में उत्तराखंड का सिविल एविएशन क्षेत्र तेजी से उछाल ले रहा है। आने वाले दिनों में और ज्यादा ठोस प्रगति दिखने की उम्मीद है।

पहाड़ों से जुड़े और भी काम
डॉ. चौहान की पहचान सिर्फ एविएशन तक सीमित नहीं है। उन्होंने पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और पौड़ी जैसे दुर्गम जिलों में डीएम के रूप में काम किया है। कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान पिथौरागढ़ में उन्होंने बेहतरीन काम किया, जिसके लिए उन्हें ‘बेस्ट आईएएस ऑफिसर’ पुरस्कार भी मिला।

उत्तरकाशी में गंगोत्री क्षेत्र में स्पेनिश पर्वतारोही जुआन एंटोनियो की मदद की थी। बाद में जुआन ने स्पेन में एक वर्जिन पीक का नाम “आशीष चौहान पीक” रख दिया — यह उनकी मदद का अनोखा सम्मान था।

हरशिल गांव को उन्होंने पर्यटन स्थल बनाने में भी अहम योगदान दिया। एप्पल फेस्टिवल और होमस्टे जैसी पहलों से स्थानीय लोगों की आय बढ़ी।

पिथौरागढ़ में शुरू हुई आदि कैलाश, कैलाश पर्वत और ओम पर्वत यात्रा : डॉ. आशीष चौहान की दूरदर्शिता से आदि कैलाश, कैलाश पर्वत और ओम पर्वत यात्रा यात्रा मार्गों को नई दिशा मिली – पर्यटन और आस्था का नया अध्याय उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित पवित्र आदि कैलाश (आदि कैलाश), कैलाश पर्वत और ओम पर्वत की यात्रा रूट को व्यवस्थित और लोकप्रिय बनाने में पूर्व जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान (आईएएस) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कार्यकाल के दौरान जिला प्रशासन ने इन दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास, सड़क सुधार, सुरक्षा प्रबंधन और पर्यटन प्रचार पर विशेष ध्यान दिया, जिससे इन यात्रा मार्गों को नई दिशा मिली और हजारों श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए आसान बना। आशीष चौहान ने पिथौरागढ़ के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के रूप में रहते हुए इन क्षेत्रों की क्षमता को पहचाना और स्थानीय प्रशासन, पर्यटन विभाग तथा सेना के सहयोग से यात्रा रूट को मजबूत करने के प्रयास किए। आज आदि कैलाश-ओम पर्वत यात्रा उत्तराखंड पर्यटन का एक प्रमुख आकर्षण बन चुकी है, जिसकी नींव उनके कार्यकाल में रखी गई।

डॉ. आशीष चौहान जैसा अधिकारी, जो मैदान से लेकर पहाड़ तक हर चुनौती को अवसर में बदल देता है, उत्तराखंड के लिए वाकई सौभाग्य की बात है। उनके नेतृत्व में न सिर्फ केदारनाथ यात्रा सुचारु होगी, बल्कि पूरे राज्य का हवाई संपर्क और पर्यटन और मजबूत होता दिख रहा है।

News report – Takana Times

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