नैनीताल पंचायत चुनाव में कथित अपहरण कांड ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, जबकि सोशल मीडिया पर इस घटना का जमकर मजाक उड़ रहा है। वजह यह कि जिन सदस्यों के अपहरण का दावा किया गया, उनका घूमने-फिरने का वीडियो वायरल हो गया।
नेताओं ने इसे लोकतंत्र का मजाक और शर्मनाक घटना करार दिया है। विवाद ने चुनाव की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के मतदान के दौरान अपहरण की कहानी दो दिन तक हाई-वोल्टेज ड्रामा बनकर छाई रही। नैनीताल से लेकर हल्द्वानी तक राजनीति गर्माती रही और इसकी गूंज राजधानी तक सुनाई दी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने पूरे घटनाक्रम को हास्यास्पद बना दिया। फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर यूजर्स तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने मजाक उड़ाते हुए इन्हें “बिहार की 124 साल की मिंता देवी के बच्चे” बता दिया। किसी ने इसे “लोकतंत्र का भद्दा मजाक” कहा तो किसी ने “मनी पावर” का खेल करार दिया।
स्थानीय यूजर्स भी जमकर तंज कस रहे हैं।
- राकेश पंत ने लिखा—“जनप्रतिनिधि होकर इन्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए।”
- चंद्रशेखर करगेती ने टिप्पणी की—“इन्होंने सत्ता के खासमखास अफसर की नौकरी भी बचा ली।”
- आंचल पंत बोलीं—“जनता को सोचना चाहिए कि वे किसे अपना नेता बना रहे हैं।