नैनीताल में लगातार हो रही भारी वर्षा ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार शाम करीब 6:30 बजे नैना गांव के पास नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर भारी भूस्खलन हुआ, जिससे पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरककर सड़क पर आ गिरा। इसके चलते मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और 15 घंटे बाद भी मार्ग सामान्य नहीं हो पाया है।
रातभर दो बुलडोजरों की मदद से मलबा हटाने का कार्य जारी रहा, लेकिन पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने के कारण स्थिति अब भी बेहद खतरनाक बनी हुई है। शहर में दूध सहित आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बाधित रही। मंगलवार सुबह एसडीएम नवाजिश खलिक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और एक तरफ से मार्ग खोलवाकर आवश्यक सेवाओं के वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति दी।
हालांकि, आम वाहनों की आवाजाही पर अभी भी रोक लगी हुई है, क्योंकि पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। एसडीएम ने एनएच अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खतरा पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही मार्ग पूरी तरह से खोला जाए।
इसी बीच, हल्द्वानी मार्ग पर हनुमानगढ़ी के पास एक पिकअप सड़क किनारे पार्क थी, जिस पर देर रात अचानक बोल्डर गिर गया। पिकअप पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि उस समय वाहन में कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई। प्रभारी एसओ देवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि एनएच विभाग को पिकअप और बोल्डर हटाने के लिए सूचित कर दिया गया है।
तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने नैनीताल शहर को प्रभावित किया है। कई क्षेत्रों में मलबा और बोल्डर गिरने से खतरे की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन सतर्क है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।