पिथौरागढ़ में हृदय रोग विशेषज्ञों की भारी कमी से मरीज परेशान

पिथौरागढ़ में हृदय रोग विशेषज्ञों की भारी कमी से मरीज परेशान

पिथौरागढ़ में दिल की बीमारियों का सही इलाज नहीं, विशेषज्ञ डॉक्टरों का भारी अभाव

पिथौरागढ़ जिले में पांच लाख से अधिक आबादी के बावजूद दिल की बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। हृदय रोगी मरीजों को गंभीर स्थिति में उपचार के लिए लगभग 220 किलोमीटर दूर हल्दानी या बरेली ले जाना पड़ता है। इतनी लंबी दूरी तय करने में एंबुलेंस को करीब सात घंटे लग जाते हैं, जिससे समय पर इलाज न मिलने के कारण कई बार मरीजों की जान जा सकती है।

सीमांत जिले के अस्पतालों में वर्तमान में कोई भी हृदय रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है। करीब दस साल पहले जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ थे, लेकिन उनकी सेवानिवृत्ति के बाद से इस पद को बंद कर दिया गया है। अब हार्ट संबंधी समस्याओं के लिए मरीजों को फिजिशियन से ही सलाह लेनी पड़ती है।

जनमंच सोर के संयोजक भगवान रावत ने बताया कि जिले में हृदय रोग के मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है और अक्सर मरीजों को दूसरे जिलों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। हार्ट अटैक की स्थिति में समय पर उचित इलाज के लिए हायर सेंटर तक पहुंचाना संभव नहीं हो पाता, जिससे जानलेवा स्थिति बन जाती है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि पिथौरागढ़ में जल्द से जल्द हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएस नबियाल ने बताया कि हृदय रोग विशेषज्ञ के लिए शासन से पुनः पत्राचार किया जाएगा। फिलहाल फिजिशियन ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ की कमी से इलाज में कई समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि सीमांत जिले के मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

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