रामपुर तिराहा: हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित, DM अनंत कुमार का केस शामिल

रामपुर तिराहा: हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित, DM अनंत कुमार का केस शामिल

नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा मुजफ्फरनगर कांड से संबंधित मुकदमों की तेज सुनवाई की मांग को लेकर अधिवक्ता रमन शाह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ में हुई। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मुजफ्फरनगर सीबीआई कोर्ट में लंबित मामलों की स्थिति रिपोर्ट उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकारों से मांगी थी, जिसे हाल ही में प्रस्तुत किया गया।

सीबीआई रिपोर्ट में खुलासे

सीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, रामपुर तिराहा कांड से जुड़े छह मुकदमों की फाइलें देहरादून से मुजफ्फरनगर कोर्ट में स्थानांतरित की गई थीं। इनमें से दो मुकदमे वर्तमान में विचाराधीन हैं, जबकि दो मुकदमों के मुख्य आरोपियों की मृत्यु के कारण उन्हें बंद कर दिया गया है। हालांकि, चिंता की बात यह है कि दो मुकदमों की फाइलें लापता हैं, जिनमें तत्कालीन जिलाधिकारी अनंत कुमार सिंह से जुड़ा एक संवेदनशील मामला भी शामिल है।

याचिकाकर्ता का आरोप और सवाल

याचिकाकर्ता रमन शाह ने कोर्ट में तर्क दिया कि जिन दो मुकदमों को बंद बताया गया है, उनमें केवल एक-दो नहीं, बल्कि कई आरोपी शामिल थे। ऐसे में इन मामलों को शून्य घोषित करना उचित नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने फाइलों के लापता होने पर गंभीर सवाल उठाए और इसकी जांच की मांग की। शाह का कहना है कि यह घटना न्याय प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाती है और दोषियों को बचाने की साजिश हो सकती है।

कोर्ट की अगली कार्रवाई

हाईकोर्ट ने इस मामले में गहन जांच के लिए सीबीआई और संबंधित अधिकारियों से अतिरिक्त जानकारी मांगी है। साथ ही, फाइलों के लापता होने की जिम्मेदारी तय करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने का निर्देश दिया गया है। इस घटना ने राज्य आंदोलन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को और तेज कर दिया है।

जनता और आंदोलनकारियों की प्रतिक्रिया

रामपुर तिराहा कांड के पीड़ित परिवारों और राज्य आंदोलनकारियों ने इस घटना पर रोष जताया है। उन्होंने मांग की है कि फाइलों की बरामदगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। स्थानीय संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।

हाईकोर्ट का अगला फैसला इस मामले में न्याय की दिशा तय करेगा, और फाइलों के लापता होने की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *