हल्द्वानी, 24 फरवरी 2026 – उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में सड़क सुरक्षा की लगातार लापरवाही अब लोगों की जान ले रही है। रविवार दोपहर पनचक्की-मुखानी रोड पर अंबिका विहार के पास एक और दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें 70 वर्षीय सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक सुरेश चंद्र पांडे की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना प्रशासन की नाकामी और विकास कार्यों में सुरक्षा की पूरी अनदेखी का जीता-जागता सबूत बन गई है।
कैसे हुआ हादसा?
सुरेश चंद्र पांडे (निवासी: शांति विहार, पनचक्की) स्कूटी से काठगोदाम की ओर जा रहे थे। सड़क पर उत्तराखंड आवास विकास प्राधिकरण (UASDA) द्वारा सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदा गया गहरा गड्ढा और अधूरा काम था। गड्ढे की चपेट में आने से उनकी स्कूटी अनियंत्रित हो गई, फिसलकर गिर पड़े। ठीक उसी समय तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। चश्मदीदों के अनुसार, गड्ढे के आसपास कोई ठीक-ठाक बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं था, जिससे हादसा अपरिहार्य हो गया। ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।
CCTV फुटेज ने खोली पोल
हादसे का CCTV फुटेज सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर वायरल हो गया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि बुजुर्ग स्कूटी से जा रहे थे, गड्ढे में फंसे, गिरे और ट्रक ने उन्हें रौंद दिया। फुटेज ने प्रशासन की लापरवाही को बेनकाब कर दिया है।
प्रशासन का रिएक्शन: जांच के आदेश, लेकिन कार्रवाई कहां?
- डीएम नैनीताल ने नगर मजिस्ट्रेट ए.पी. वाजपेयी को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए।
- यातायात व्यवस्था में लापरवाही के लिए ट्रैफिक इंस्पेक्टर को लाइन अटैच किया गया।
- पुलिस ने घटनास्थल का सर्वे किया और जोखिम वाली जगहों की पहचान शुरू की।
लेकिन स्थानीय लोग इन कदमों को महज दिखावा बता रहे हैं। MLA और विपक्षी नेताओं ने कहा है कि “प्रशासन ने विकास के नाम पर लोगों की जान ली है।” कांग्रेस और अन्य संगठनों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है, जिसकी कीमत आम जनता चुकाती है।
आम जनता में आक्रोश और भय का माहौल
हल्द्वानी की सड़कें अब मौत के अड्डे बन चुकी हैं। हाल के महीनों में कई हादसे हो चुके हैं – ठंडी रोड पर डॉक्टर को स्पीडिंग बाइक ने मारा, NH पर बोल्डर गिरने से घायल, और अब यह घटना। लोग कह रहे हैं:
- “सड़कें गड्ढों से भरी हैं, निर्माण कार्य बिना सुरक्षा के चल रहे हैं।”
- “ट्रक और तेज वाहनों की रफ्तार पर कोई अंकुश नहीं।”
- “प्रशासन सिर्फ जांच का आदेश देता है, लेकिन समस्या जड़ से खत्म नहीं करता।”
सोशल मीडिया पर #HaldwaniRoadsDeathTrap और #JusticeForSureshPandey जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। स्थानीय निवासी सड़क सुरक्षा उपायों, स्पीड ब्रेकर, बेहतर बैरिकेडिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट की मांग कर रहे हैं। कई लोग अब घर से निकलने से पहले डरते हैं।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए चेतावनी है। प्रशासन को अब सिर्फ जांच नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई करनी होगी – अन्यथा हल्द्वानी की सड़कें और मौतें बढ़ती रहेंगी।
शोक संतप्त परिवार को गहरी संवेदना। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।
