उत्तराखंड में जल्द ही राज्य कैबिनेट का विस्तार होने की संभावना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसके स्पष्ट संकेत दिए हैं। वर्तमान में राज्य कैबिनेट में पांच पद खाली हैं, जिनमें चार पद लंबे समय से रिक्त हैं, जबकि एक पद पूर्व संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हुआ है। इस विस्तार की चर्चाओं ने भाजपा विधायकों में मंत्री पद की उम्मीदें फिर से जगा दी हैं।
लंबे समय से रिक्त पदों पर चर्चा
भाजपा सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में नई दिल्ली दौरे के दौरान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ कैबिनेट विस्तार पर चर्चा की है। माना जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद जल्द ही इस दिशा में ठोस निर्णय लिया जा सकता है। सीएम धामी ने कहा, “हाईकमान के साथ इस विषय पर बातचीत चल रही है। हमारी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है, और उनके निर्देश पर जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार पर फैसला होगा।” वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी कहा कि खाली पदों को भरने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है और अब इसे जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।
इन विधायकों के नाम चर्चा में
कैबिनेट में शामिल होने वाले संभावित चेहरों को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। इनमें विधायक खजान दास, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, विनोद कंडारी, भरत चौधरी, बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल, और राम सिंह कैड़ा जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अन्य विधायकों के नाम भी सामने आ रहे हैं।
विधायकों में बढ़ी बेचैनी
पांच खाली पदों को भरने की प्रतीक्षा में कई विधायकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, पहले भी कई बार कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं हुईं, लेकिन निर्णय नहीं हो सका। अब शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी के बाद इस प्रक्रिया के जल्द पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भट्ट के बयानों से स्पष्ट है कि कैबिनेट विस्तार को लेकर पार्टी गंभीर है। यह विस्तार न केवल रिक्त पदों को भरेगा, बल्कि सरकार और संगठन के बीच समन्वय को और मजबूत करेगा। अब सभी की निगाहें हाईकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।