उत्तरकाशी जिले के धाराली क्षेत्र, जो कि गंगोत्री धाम का प्रमुख पड़ाव है, वहां खीर गंगा नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ की चपेट में आकर क्षेत्र के कई होटल और होमस्टे पूरी तरह से तबाह हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बाढ़ का कारण खीर गंगा के कैचमेंट एरिया में बादल फटना बताया जा रहा है। अचानक बढ़े जलस्तर ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। नदी किनारे मौजूद कई ढांचों को बहा ले गया, और क्षेत्र में मलबे का ढेर लग गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, सेना और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। सेना की आइबेक्स ब्रिगेड भी राहत कार्यों में सक्रिय रूप से भाग ले रही है। स्थानीय प्रशासन द्वारा बचाव अभियान को युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
मलबे में दबे होने की आशंका, रेस्क्यू अभियान जारी
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनास्थल पर काम कर रहे कुछ मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है। रेस्क्यू टीमें भारी मलबा हटाकर प्रभावितों की तलाश में जुटी हैं। हेलीकॉप्टर की मदद से हवाई सर्वेक्षण भी किया जा रहा है।
सुरक्षा के मद्देनज़र अलर्ट जारी
प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। गंगोत्री हाईवे पर आवागमन रोक दिया गया है और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों की ओर भेजा जा रहा है।
उत्तराखंड सरकार और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि पीड़ितों को हरसंभव मदद और राहत जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए।