नई दिल्ली, 5 मई 2026: उत्तर भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। कई इलाकों में तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बढ़ती गर्मी, घनी आबादी, ट्रैफिक और प्रदूषण ने शहरों को आग के गोले में बदल दिया है। ऐसे में एयर कंडीशनर (एसी) का इस्तेमाल भारी मात्रा में बढ़ गया है, लेकिन साथ ही एसी फटने या ब्लास्ट होने की घटनाएं भी चिंता का विषय बन गई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च तापमान के कारण एसी के कंडेंसर यूनिट पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। आईआईटी बीएचयू के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर जहर सरकार ने बताया कि सामान्य रूप से एसी के कंडेंसर का तापमान लगभग 50 डिग्री सेल्सियस तक होता है। कूलिंग के लिए आसपास का (एम्बिएंट) तापमान कंडेंसर से करीब 10 डिग्री कम होना चाहिए। जब बाहरी तापमान इससे ज्यादा हो जाता है, तो कंडेंसर पर प्रेशर बढ़ता है और फटने का खतरा पैदा हो जाता है।
एसी फटने की अन्य प्रमुख वजहें
- गैस लीकेज: कंडेंसर से गैस लीक होने पर दबाव बढ़ता है, यूनिट ज्यादा गर्म होती है और आग लगने का खतरा रहता है।
- गंदे कॉइल्स: कंडेंसर कॉइल्स पर जमी गंदगी हवा के प्रवाह को रोकती है। इससे गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और यूनिट ओवरहीट हो जाती है।
- वोल्टेज का उतार-चढ़ाव: अनियमित बिजली सप्लाई कंप्रेसर को नुकसान पहुंचाती है और हादसों का कारण बन सकती है।
एसी को सुरक्षित रखने के उपाय
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सही रखरखाव और सावधानियां अपनाकर इन घटनाओं को रोका जा सकता है:
- वेंटिलेशन सुनिश्चित करें: कंडेंसर यूनिट को छांव में लगाएं। उसके आसपास हवा का अच्छा प्रवाह हो, ताकि यूनिट ज्यादा गर्म न हो।
- नियमित सर्विसिंग: हर सीजन से पहले एसी की पूरी सर्विस कराएं। छोटी-छोटी समस्याओं को तुरंत ठीक करवाएं।
- फिल्टर और कॉइल्स की सफाई: एयर फिल्टर और कूलिंग कॉइल्स को नियमित रूप से साफ रखें। इससे कंप्रेसर पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
- कूलिंग फैन की जांच: फैन ठीक से काम कर रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच कराएं।
- तांबे के कंडेंसर वाले एसी चुनें: तांबे वाले कंडेंसर एल्यूमीनियम वाले की तुलना में ज्यादा टिकाऊ, कम जंग लगने वाले और बेहतर कूलिंग वाले होते हैं। हालांकि ये थोड़े महंगे होते हैं, लेकिन लंबे समय में फायदेमंद साबित होते हैं।
भारत में बढ़ता एसी बाजार
भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता एयर कंडीशनर बाजार है। अनुमानों के मुताबिक, 2050 तक घरेलू एसी की संख्या नौ गुना बढ़ सकती है। 2025 में देश में करीब 1.4 करोड़ एसी यूनिट्स बिक चुकी हैं। बढ़ती गर्मी और मध्यम वर्ग की बढ़ती आय के कारण यह ट्रेंड और तेज होने वाला है।
सलाह: गर्मी के मौसम में एसी का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें। अगर यूनिट से अजीब आवाज आ रही हो, ज्यादा गर्मी हो रही हो या गैस की गंध आ रही हो, तो तुरंत इस्तेमाल बंद करें और सर्विस सेंटर को सूचित करें। बच्चों और बुजुर्गों वाले घरों में खास सावधानी बरतें।
सही रखरखाव और जागरूकता से गर्मी के इस कहर को सुरक्षित तरीके से झेला जा सकता है। स्वास्थ्य और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है – गर्मी में सावधानी ही सबसे अच्छी दवा है।

