- भारत क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission – NQM) के तहत सरकार, स्टार्टअप्स, आईआईटी-आईआईएससी जैसे संस्थानों और राज्य सरकारों के प्रयासों से देश क्वांटम कंप्यूटिंग, कम्युनिकेशन और सेंसिंग में वैश्विक पटल पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) की उपलब्धियां
- ₹6,003 करोड़ का बजट (2023-31) वाले इस मिशन के तहत चार थीमैटिक हब्स (Quantum Computing, Communication, Sensing/Metrology, Materials/Devices) स्थापित किए गए हैं।
- 43 संस्थानों और 152 शोधकर्ताओं को शामिल किया गया है।
- 23 संस्थानों को क्वांटम लैब्स स्थापित करने की मंजूरी मिल चुकी है।
- 17 स्टार्टअप्स को सीधा समर्थन मिल रहा है।
क्वांटम कंप्यूटिंग में प्रमुख प्रगति
1. 1000 किलोमीटर क्वांटम संचार नेटवर्क
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत भारत ने स्वदेशी तकनीक से 1000 किमी का सुरक्षित क्वांटम कम्युनिकेशन नेटवर्क विकसित कर लिया है। यह मिशन के 8 साल के लक्ष्य (2000 किमी) से बहुत पहले हासिल की गई उपलब्धि है। QNu Labs जैसी कंपनियों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
2. अमरावती क्वांटम वैली (Andhra Pradesh)
- भारत का पहला Quantum Valley Tech Park जनवरी 2026 में शुरू होने वाला है।
- IBM Quantum System Two (156-qubit Heron Processor) स्थापित किया जा रहा है।
- TCS और IBM के साथ Quantum Cloud Services और Innovation Centre लॉन्च।
- लक्ष्य: 2026-29 तक तीन अलग-अलग मॉडल के क्वांटम कंप्यूटर, 1000+ क्यूबिट क्षमता और 1000 नए एल्गोरिदम टेस्टिंग।
3. स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटर
- QpiAI-Indus: 25-क्यूबिट सुपरकंडक्टिंग क्वांटम कंप्यूटर (अप्रैल 2025)।
- IIT Madras द्वारा विकसित 64-क्यूबिट चिप (ChennaiQ-1) — मिड-2026 तक फंक्शनल सिस्टम तैयार।
- DRDO, TIFR और TCS के सहयोग से 6-क्यूबिट प्रोसेसर पहले ही सफलतापूर्वक टेस्ट हो चुका है।
- लक्ष्य: 2026-27 तक 50-100 क्यूबिट और 2030 तक 1000 क्यूबिट।
4. राज्य स्तर की पहल
- कर्नाटक: ₹1000 करोड़ Quantum Mission, Bengaluru को “Q-City” बनाने की योजना।
- तेलंगाना: हैदराबाद को Quantum City बनाने और स्विट्जरलैंड के साथ साझेदारी।
- आंध्र प्रदेश: Quantum-AI University स्थापित करने की योजना।
अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां
- पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी के लिए नेशनल रोडमैप जारी — 2027 तक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लागू करने का लक्ष्य।
- क्वांटम सेंसर्स, एटॉमिक क्लॉक्स और मैग्नेटोमीटर्स में प्रगति।
- 50,000+ छात्रों को क्वांटम टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग देने की योजना।
- Bharatiya Antariksh Hackathon और Space Weather Summer School जैसे कार्यक्रम शुरू।
भविष्य की राह
NQM चेयरमैन अजय चौधरी के अनुसार, भारत 2029 तक “Quantum Computing Day” हासिल कर सकता है। सरकार का फोकस आत्मनिर्भरता, स्टार्टअप इकोसिस्टम और रक्षा-वित्त-टेलीकॉम क्षेत्रों को क्वांटम-रेडी बनाने पर है।निष्कर्ष
केवल कुछ वर्षों में भारत क्वांटम टेक्नोलॉजी में तेजी से आगे बढ़ा है। 1000 किमी क्वांटम नेटवर्क, 64-क्यूबिट चिप और अमरावती जैसे क्वांटम वैली प्रोजेक्ट्स देश को अमेरिका, चीन और यूरोप के साथ प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता दे रहे हैं।
आने वाले वर्षों में क्वांटम कंप्यूटिंग स्वास्थ्य, कृषि, सुरक्षा, वित्त और दवा की खोज में क्रांति ला सकती है।भारत अब क्वांटम युग में प्रवेश कर चुका है। यह प्रगति न केवल वैज्ञानिक उपलब्धि है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
(यह रिपोर्ट DST, PIB, NQM आधिकारिक अपडेट्स, ISRO, DRDO और प्रमुख समाचार स्रोतों पर आधारित है।)