राजधानी नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं व पेपर लीक के मुद्दों को लेकर छात्र संगठनों और युवाओं द्वारा व्यापक प्रदर्शन किया गया। इस घटनाक्रम ने देश भर का ध्यान खींचा है, जहाँ एक ओर अभ्यर्थियों में आक्रोश है, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था और सरकारी रुख को लेकर बहस छिड़ गई है।
1. प्रदर्शनकारियों और छात्र नेताओं का पक्ष
- मांगें और आक्रोश: प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई करने और जवाबदेही तय करने की है।
- पुलिस बल के प्रयोग पर सवाल: छात्र नेताओं और विपक्षी दलों का आरोप है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग (लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस) किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए।
- सोनम वांगचुक का अनशन: सामाजिक व शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए भूख हड़ताल की, जिसे बाद में हिंसक स्थिति न बनने देने और संवाद का अवसर देने की दृष्टि से समाप्त किया गया।
2. प्रशासन और दिल्ली पुलिस का स्पष्टीकरण
- कानून-व्यवस्था का हवाला: दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि संसद सत्र और संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र को देखते हुए बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल तैनात किए गए थे।
- प्रतिबंधित क्षेत्रों में बढ़ने का प्रयास: प्रशासन के अनुसार, कई बार अपील करने के बावजूद प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने बैरिकेड्स तोड़ने और प्रतिबंधित उच्च-सुरक्षा क्षेत्र की ओर बढ़ने का प्रयास किया, जिससे स्थिति नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम आवश्यक बल का प्रयोग करना पड़ा।
- सुरक्षा बलों को चोट: पुलिस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि झड़प और पथराव की घटनाओं में कई पुलिसकर्मी व सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा है।
3. सरकार और संसद में संवाद की पहल
- संसद में चर्चा और नए कानून का प्रस्ताव: सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह छात्रों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील है और संसद में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही, भविष्य में पेपर लीक और अनुचित साधनों को रोकने के लिए और अधिक सख्त कानून लाने का आश्वासन दिया गया है।
- प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता: सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों द्वारा छात्र प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का मसौदा लिया गया है और समाधान खोजने के लिए न्यूट्रल वेन्यू (निष्पक्ष स्थल) पर बातचीत की प्रक्रिया जारी है।