वर्ष 2026 तक उत्तराखंड ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, STEM शिक्षा और पर्यावरण अनुसंधान के क्षेत्र में जो अभूतपूर्व प्रगति की है, उसका बिंदुवार और विस्तृत विवरण है:
💻 1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल शिक्षा क्रांति
1. AI on Wheels मोबाइल लैब लॉन्च
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने देहरादून में ‘AI on Wheels’ नामक एक अनूठी चलती-फिरती अत्याधुनिक प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के सुदूरवर्ती और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले उन छात्रों तक पहुँचना है, जिनके पास आधुनिक कंप्यूटर लैब्स की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यह वैन high-end कंप्यूटिंग सिस्टम, इंटरनेट और कस्टमाइज्ड किट्स से लैस है, जो गांवों में जाकर स्कूली बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और बुनियादी कोडिंग (Coding) का व्यावहारिक ज्ञान (Hands-on training) प्रदान कर रही है।
2. AI Theme Room की स्थापना
प्रशासनिक और तकनीकी नवाचार को एक साथ लाने के लिए देहरादून स्थित लोक भवन में एक विशेष ‘AI थीम रूम’ स्थापित किया गया है। यह कमरा केवल एक प्रदर्शनी स्थल नहीं है, बल्कि एक लाइव वर्किंग स्पेस है जहाँ आधुनिक रोबोटिक्स टूल्स, IoT डिवाइसेज और एडवांस्ड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को असेंबल किया गया है। यहाँ शोधकर्ता, नीति निर्माता और छात्र आकर यह देख सकते हैं कि एआई कैसे वास्तविक समय में डेटा का विश्लेषण कर गवर्नेंस और जनसुविधाओं को बेहतर बना सकता है।
3. ‘ऑपरेशन कल्कि’ (Operation Kalki) कार्यक्रम
राज्य के सभी 13 जिलों के सरकारी स्कूलों में ‘ऑपरेशन कल्कि’ नाम से एक सघन तकनीकी प्रशिक्षण अभियान चलाया गया। इसके तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के छात्रों को एआई और इनोवेशन की कमान सौंपी गई। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि युवा छात्रों ने उत्तराखंड की स्थानीय समस्याओं को समझा और कृषि, पर्यटन (होमस्टे प्रबंधन) और स्थानीय गवर्नेंस से जुड़े 108 इनोवेटिव ऐप आइडियाज (App Ideas) और प्रोटोटाइप तैयार कर सरकार के सामने प्रस्तुत किए।
4. STEM जिज्ञासा कक्ष पहल (STEM Jigyasha Kaksh)
पारंपरिक रट्टा-मार पढ़ाई को छोड़कर व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए राज्य भर में ‘STEM जिज्ञासा कक्ष’ स्थापित किए गए हैं। इस दूरदर्शी पहल के माध्यम से अब तक 40,000 से अधिक सरकारी स्कूल के छात्र सीधे तौर पर लाभान्वित हो चुके हैं। इन विशेष कमरों में बच्चों को एआई के बुनियादी सिद्धांतों, रोबोटिक्स किट्स, मिनी ड्रोन्स की प्रोग्रामिंग और 3D प्रिंटिंग मशीनों का संचालन सिखाया जा रहा है, ताकि वे भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार हो सकें।
🔬 2. साइंस कम्युनिकेशन और रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर
5. चंपावत साइंस सेंटर का निर्माण
उत्तराखंड के सीमांत और पहाड़ी जिलों में वैज्ञानिक चेतना के विस्तार के लिए चंपावत में ₹55.52 करोड़ की भारी लागत से एक विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक विज्ञान केंद्र (Science Centre) का निर्माण तीव्र गति से चल रहा है। इस केंद्र में एक अत्याधुनिक एस्ट्रोनॉमी गैलरी (खगोल विज्ञान दीर्घा), ‘फन साइंस’ गैलरी (जहाँ बच्चे खेल-खेल में भौतिकी और रसायन के नियम सीखेंगे) और उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल तैयार की गई एक विशेष कृषि तकनीक प्रदर्शनी (Agriculture Exhibits) स्थापित की जा रही है।
6. साइंस रेडियो 88.8 MHz (Science Radio)
विज्ञान को जन-जन तक और विशेषकर कम पढ़े-लिखे या ग्रामीण परिवेश के लोगों तक पहुँचाने के लिए उत्तराखंड ने अपना पहला समर्पित ‘साइंस रेडियो 88.8 MHz’ स्टेशन शुरू किया है। यह कम्युनिटी रेडियो स्टेशन जटिल वैज्ञानिक शोधों, स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों, कृषि के नए तौर-तरीकों और मौसम के पूर्वानुमानों को बेहद सरल और स्थानीय बोलियों/भाषा में प्रसारित करता है, जिससे समाज में वैज्ञानिक सोच (Scientific Temper) का विकास हो रहा है।
7. ‘शी फॉर स्टेम’ पहल (She for STEM Initiative)
विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्रों में छात्राओं और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए सरकार ने यह विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की मेधावी छात्राओं को विशेष स्कॉलरशिप, तकनीकी किट्स और महिला वैज्ञानिकों की देखरेख में मेंटरशिप प्रदान की जा रही है, ताकि लैंगिक असमानता को दूर कर बेटियों को विज्ञान के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए तैयार किया जा सके।
8. यूकॉस्ट (UCOST) में इनोवेशन फेस्टिवल
देहरादून के झाझरा स्थित प्रसिद्ध ‘विज्ञान धाम’ (UCOST) में एक विशाल ‘इन्नोवेशन फेस्टिवल’ का आयोजन किया गया। इस महोत्सव ने राज्य के उभरते हुए स्टार्टअप्स, स्वतंत्र शोधकर्ताओं, विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और स्कूली छात्रों को एक साझा मंच प्रदान किया। यहाँ पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं (जैसे जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा, पोर्टेबल कल्टीवेटर्स आदि) से जुड़े दर्जनों स्वदेशी नवाचारों का जीवंत प्रदर्शन किया गया।
9. UCOST विज्ञान धाम का विस्तार
उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के विज्ञान धाम परिसर का बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचागत विस्तार किया गया है। इसके अंतर्गत नई एडवांस साइंटिफिक लैबोरेट्रीज का निर्माण, शुरुआती स्टेज के स्टार्टअप्स के लिए ‘इन्नोवेशन इनक्यूबेशन स्पेस’ (जहाँ उन्हें मुफ्त वर्किंग स्पेस और इंटरनेट मिलता है) और आम जनता को विज्ञान से जोड़ने के लिए नए आउटरीच प्रोग्राम्स (Outreach Programmes) की रूपरेखा तैयार कर उन्हें लागू किया गया है।
10. IIT रुड़की–जर्मनी साइंस पैक्ट (IIT Roorkee–Germany Science Pact)
देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (IIT Roorkee) ने वैज्ञानिक अनुसंधान को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए जर्मनी के ‘ब्रैंडनबर्ग’ (Brandenburg) राज्य के साथ एक ऐतिहासिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग समझौता (Science Pact) किया है। इस समझौते के तहत दोनों देशों के वैज्ञानिक और छात्र संयुक्त रूप से रिन्यूएबल एनर्जी, नैनोटेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल माउंटेन डेवलपमेंट पर रिसर्च कर रहे हैं।
📱 3. स्कूली शिक्षा का पूर्ण डिजिटलीकरण
11. सरकारी स्कूलों के लिए वर्चुअल स्टूडियो (Virtual Studio)
भौगोलिक विषमताओं के कारण पहाड़ों में अक्सर विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी देखी जाती थी। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने 840 सरकारी स्कूलों को एक केंद्रीयकृत वर्चुअल स्टूडियो (Centralized Virtual Studio) से जोड़ दिया है। देहरादून या मुख्य केंद्रों में बैठे विशेषज्ञ शिक्षक इस स्टूडियो के माध्यम से राज्य के किसी भी दूरस्थ कोने के स्कूल में लाइव, इंटरैक्टिव और टू-वे (two-way) स्मार्ट क्लासेस संचालित कर पा रहे हैं।
12. उत्तराखंड वर्चुअल लर्निंग ऐप (Uttarakhand Virtual Learning App)
स्कूली शिक्षा को केवल क्लासरूम तक सीमित न रखते हुए, राज्य सरकार ने अपना आधिकारिक ‘वर्चुअल लर्निंग ऐप’ जारी किया है। इस ऐप के माध्यम से छात्र स्कूल के बाद अपने घर बैठे ही डिजिटल लाइब्रेरी, एनिमेटेड वीडियो लेक्चर्स और लाइव डाउट-क्लियरिंग सेशन्स के जरिए विशेषज्ञ शिक्षकों से सीधे जुड़ सकते हैं। यह ऐप पूरी तरह से राज्य के पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है।
13. पीएम श्री (PM Shri) स्कूलों का डिजिटलीकरण
केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से उत्तराखंड के 226 पीएम श्री स्कूलों का कायाकल्प करते हुए उन्हें पूरी तरह से डिजिटल हब में बदल दिया गया है। इन सभी स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट, प्रोजेक्टर-आधारित स्मार्ट क्लासरूम्स और अत्याधुनिक डिजिटल लैब्स विकसित की गई हैं, ताकि ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को भी कॉन्वेंट स्कूलों जैसी तकनीकी सुविधाएं मिल सकें।
14. कोडिंग और रोबोटिक्स लैब्स (Coding & Robotics Labs)
तकनीकी साक्षरता को प्राथमिक स्तर से ही लागू करने के लिए राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया गया है। स्कूलों में विशेष कोडिंग करिकुलम (Coding Curriculum) लागू किया गया है और बच्चों को प्रैक्टिकल सिखाने के लिए कस्टमाइज्ड रोबोटिक्स किट्स (Robotics Kits) मुहैया कराई गई हैं, जिससे बच्चे छोटी उम्र से ही लॉजिकल थिंकिंग और एल्गोरिदम बनाना सीख रहे हैं।

⛰️ 4. आपदा प्रबंधन, पर्यावरण और सस्टेनेबल माउंटेन टेक्नोलॉजी
15. ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम (Drone Training Programs)
उत्तराखंड की पहाड़ी भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ‘ड्रोन टेक्नोलॉजी’ यहाँ के लिए एक वरदान साबित हो रही है। सरकार ने युवाओं के लिए व्यापक स्तर पर ड्रोन स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम शुरू किए हैं। इसके तहत युवाओं को ड्रोन उड़ाने, डेटा एकत्र करने और उनकी मरम्मत का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका उपयोग कृषि (दवा छिड़काव), आपदा प्रबंधन (राहत सामग्री पहुँचाने) और दुर्गम क्षेत्रों के सर्वेक्षण (Surveys) में किया जा रहा है।
16. एरोमा रिवॉल्यूशन पॉलिसी 2026-36 (Aroma Revolution Policy)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के कृषि-अर्थशास्त्र को बदलने के लिए दूरगामी ‘एरोमा रिवॉल्यूशन पॉलिसी 2026-36’ को मंजूरी दी है। इस 10-वर्षीय नीति का मुख्य लक्ष्य पारंपरिक खेती के स्थान पर सुगंधित पौधों (जैसे लैवेंडर, डैमास्क गुलाब, लेमनग्रास) की खेती को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ावा देना है। इसके तहत राज्य में 7 एरोमा वैली (Aroma Valleys) और 5 सैटेलाइट केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहाँ किसानों को हाई-टेक डिस्टिलेशन प्लांट्स और प्रोसेसिंग यूनिट्स की सुविधा मिलेगी।
17. मेडिसिनल प्लांट रिसर्च (Medicinal Plant Research)
उत्तराखंड जड़ी-बूटियों का खजाना है। वर्ष 2026 में हिमालयी हर्बल, आयुर्वेदिक और दुर्लभ औषधीय पौधों (Medicinal Plants) के संरक्षण और उनके औषधीय गुणों की मैपिंग के लिए एडवांस्ड रिसर्च लैब्स की स्थापना की गई है। इसके जरिए पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक बायोटेक (Biotech) से जोड़कर नई दवाइयां विकसित करने पर काम चल रहा है।
18. क्लाइमेट और ग्लेशियर मॉनिटरिंग (Climate & Glacier Monitoring)
ग्लोबल वार्मिंग के खतरों को देखते हुए उत्तराखंड ने अपने संवेदनशील हिमालयी ग्लेशियरों (Himalayan Glaciers) की लाइव ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग को अत्यधिक उन्नत बनाया है। सैटेलाइट डेटा और ग्राउंड सेंसर्स के माध्यम से ग्लेशियरों के पिघलने की दर, भूस्खलन की सटीक भविष्यवाणी (Landslide Prediction) और जलवायु परिवर्तन के दीर्घकालिक प्रभावों पर गहन शोध किया जा रहा है।
19. डिजास्टर अर्ली वार्निंग सिस्टम (Disaster Early Warning Systems)
आपदाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील होने के कारण, उत्तराखंड ने भूस्खलन (Landslides), बादल फटने (Cloudburst) और अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) के त्वरित अलर्ट के लिए राज्यव्यापी ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’ नेटवर्क स्थापित किया है। पहाड़ी ढलानों पर लगाए गए अत्यधिक संवेदनशील सीस्मिक और सॉयल-मॉइस्चर सेंसर खतरा होने से कई मिनट पहले ही कंट्रोल रूम को सिग्नल भेज देते हैं, जिससे जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा रहा है।
🚜 5. ग्रामीण नवाचार, कृषि-तकनीक और स्टार्टअप्स
20. रूरल इनोवेशन लैब्स (Rural Innovation Labs)
ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों और स्थानीय कारीगरों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए ‘रूरल इन्नोवेशन लैब्स’ खोली गई हैं। ये लैब्स ग्रामीण स्तर पर ‘टिंकरिंग लैब्स’ की तरह काम करती हैं, जहाँ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके कम लागत वाले कृषि उपकरण, सौर ऊर्जा से चलने वाले छोटे यंत्र और रोज़मर्रा के काम आने वाले गैजेट्स विकसित करने की खुली छूट और संसाधन दिए जाते हैं।
21. एस्ट्रोनॉमी एजुकेशन का विस्तार (Astronomy Education)
उत्तराखंड के प्रदूषण मुक्त और साफ आसमान (Clear Skies) का लाभ उठाने के लिए राज्य भर के स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में एस्ट्रोनॉमी क्लब्स (Astronomy Clubs) का गठन किया गया है। छात्रों को हाई-एंड टेलीस्कोप्स (Telescopes) प्रदान किए गए हैं और नियमित रूप से ‘स्काई ऑब्जर्वेशन कैंप्स’ (Sky Observation Camps) आयोजित किए जाते हैं, जिससे बच्चों में खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति भारी रुचि पैदा हो रही है।
22. एग्री-टेक नवाचार (Agri-Tech Innovations)
पारंपरिक पहाड़ी कृषि को लाभदायक बनाने के लिए प्रिसिजन फार्मिंग (Precision Farming) को बढ़ावा दिया जा रहा है। खेतों में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित सॉयल सेंसर्स (Soil Sensors) लगाए जा रहे हैं जो मिट्टी की नमी और पोषक तत्वों की लाइव जानकारी सीधे किसान के मोबाइल पर भेजते हैं। इसके साथ ही पानी की बचत के लिए ऑटोमेटेड ‘स्मार्ट इरिगेशन मॉडल्स’ (Smart Irrigation) को धरातल पर उतारा गया है।
23. स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा (Startup Ecosystem Support)
तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को राज्य में ही रोकने (पलायन रोकने) के लिए ‘उत्तराखंड स्टार्टअप पालिसी’ के तहत वित्तीय सहायता को आसान बनाया गया है। नए विचारों को सीधे ‘इन्नोवेशन ग्रांट्स’ (Innovation Grants), मुफ्त इनक्यूबेशन सुविधाएं और उद्योग जगत के विशेषज्ञों द्वारा ‘स्टार्टअप मेंटरशिप प्रोग्राम’ प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि उत्तराखंड के युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।
24. ‘वुमेन इन साइंस’ प्रमोशन (Women in Science Promotion)
विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, सरकार ने महिला इनोवेटर्स और महिला वैज्ञानिकों के लिए विशेष ‘रिसर्च फेलोशिप’ और ‘लीडरशिप प्रोग्राम्स’ की शुरुआत की है। इसके तहत पीएचडी और पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च कर रही महिलाओं को अपने प्रोजेक्ट्स को कमर्शियल स्टार्टअप में बदलने के लिए विशेष फंड और कानूनी सहायता दी जा रही है।
🎯 6. भविष्य का विजन
25. विकसित उत्तराखंड 2047 विजन (Viksit Uttarakhand 2047)
इन सभी 24 पहलों का अंतिम निचोड़ और लक्ष्य सरकार का “विकसित उत्तराखंड @ 2047” विजन है। इस महा-योजना के तहत राज्य का लक्ष्य केवल बुनियादी ढांचा (सड़क, बिजली) बनाना नहीं है, बल्कि उत्तराखंड को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी, बायोटेक्नोलॉजी, एजुकेशन टेक्नोलॉजी (EdTech) और पर्यावरण के अनुकूल ‘सस्टेनेबल माउंटेन इन्नोवेशन हब’ (Sustainable Mountain Innovation Hub) के रूप में वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करना है।
–Takanatimes@Devbhoomikelognewsgroup
If you want to write an article/publish a news/ advertise with us/ join our news newtork, kindly contact on 9412042100 / 9259111317
देव भूमि न्यूज के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए लिंक (link) पर क्लिक करें 👇👇👇
https://chat.whatsapp.com/HYRUPBFdd3j4vEybg16C6G
